
सिंगरौली। एंबुलेंस की व्यवस्था में फिर मनमानी सामने आई है। सर्पदंश (snake bite) के कारण रेफर मरीज को रीवा ले जाने के लिए चालक ने एक हजार रुपए की मांग की। पीड़ित परिजनों के पास एंबुलेंस चालक को देने के लिए पैसे नहीं थे तो उसने वाहन में खराबी बताकर ले जाने से इंकार कर दिया। फिर चंद मिनट में ही वह दूसरे मरीज को लेकर एंबुलेंस से रवाना हुआ।
मामला चितरंगी स्वास्थ्य केंद्र (chitrangi swasthya kendra) का है। जहां सर्पदंश से पीड़ित गढ़वा थाना क्षेत्र के दोरज निवासी पुष्पा कुमारी पिता राम कुमार को बीते बुधवार शाम जहरीले सर्प ने डंस लिया था। परिजन तत्काल युवती को चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां इलाज के बाद मरीज की हालत में कुछ सुधार हुआ।
गुरुवार को डॉक्टरों ने घर ले जाने के लिए छुट्टी दे दी। घर पहुंचने के कुछ देर बाद युवती को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और उसका पैर काला पड़ गया। उसकी गंभीर हालत को देख परिजन उसे फिर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। जहां देखने के बाद डॉक्टरों ने उसे रीवा रेफर कर दिया। परिजानो के कॉल करने पर एंबुलेंस (सीजी 04 एनएस 2896) पहुंची और मरीज को बैठा लिया।
अस्पताल गेट पर पहुंचने के बाद चालक एक हजार रुपए की मांग करने लगा। परिजनों ने पैसे देने में असमर्थता जताई तो चालक ने वाहन में खराबी का बहाना बताकर मरीज को गेट पर उतार दिया। उसके बाद दूसरी एंबुलेंस मरीज को रीवा ले गई। वहीं मरीज को उतार देने वाली एंबुलेंस चंद मिनट में दूसरे मरीज को लेने रतनपुरवा रवाना हो गई।
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जिले में लड़खड़ाई एंबुलेंस की सेवा
एंबुलेंस की सेवा जिले में लड़खड़ा गई है। इससे पहले भी एक प्रसूता से रुपए लिए जाने का मामला सुर्खियों में आया था। उस मामले में जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई भी की गई थी लेकिन उसके बाद से एंबुलेंस व्यवस्था की हकीकत जानने की कोशिश आला अधिकारियों ने नहीं की है। यही कारण है कि अभी भी एंबुलेंस की व्यवस्था जिले में बेपटरी है। मरीजों को घर से लाने व अस्पताल से घर ले जाने या फिर रेफरल केस में एंबुलेंस चालक मरीजों से वसूली कर रहे हैं।
सर्पदंश पीड़िता की हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने उसे रीवा रेफर किया गया था। एंबुलेंस चालक द्वारा पैसे मांगने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन सीएमएचओ को भेजेंगे।
चितरंगी पहुंचने पर परिजन करेंगे शिकायत
बताया गया कि एंबुलेंस चालक ने पहले अस्पताल से सर्पदंश से पीड़ित युवती को बैठा लिया और जब गेट पर पहुंचा तो वाहन को खड़ा कर दिया। पैसे की मांग करने लगा। इस दौरान एक घंटें तक पीड़ित युवती एंबुलेंस वाहन में तड़पती रही। मिन्नतें करने के बाद भी अंत में एंबुलेंस चालक ने उसे वाहन से उतार दिया। पीड़िता के परिजनों ने मामले की जानकारी अधिवक्ता विनोद सिंह को दी तो वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से बात कर दूसरी एंबुलेंस की व्यवस्था करवाई। मरीज के परिजनों ने कहा कि रीवा से छुट्टी मिलने के बाद चितरंगी पहुंचने पर वे मामले की लिखित शिकायत देंगे।
Published on:
13 Aug 2022 02:51 pm
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