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sirohi/ आबूरोड. शहर के केसरगंज निवासी एक नाबालिग बच्चे को फिल्मी अंदाज में अगवाकर कुछ बदमाशों ने रीको कॉलोनी में स्कूल के सामने फेंक दिया गया। छात्र को जिस स्कूल के सामने झाडिय़ों में फेंका गया वह उसी स्कूल में अध्ययनरत था। स्कूल से घर आने के बाद कुछ नकाबपोश व्यक्तियों ने स्वयं को पोस्टमैन बताकर उसे कुछ नशीला पदार्थ सूंघा कर ले गए। बच्चे को होश आने पर वह पास स्थित दुकान पर पहुंचा और परिजनों को फोन किया। सूचना पर रीको चौकी प्रभारी एसआई छगनालाल डांगी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। समाचार लिखे जाने तक पुलिस घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे बच्चे को दिखाकर संदिग्ध व्यक्तियों को पहचानने व ढूंढने का प्रयास कर रही थी।
जानकारी के अनुसार केसरगंज स्थित अपना घर कॉलोनी निवासी कैलाशचंद जीनगर का बारह वर्षीय पुत्र गौरव स्कूल से करीब पौने दो बजे घर पहुंचा। कुछ देर बाद बाहर किसी की आवाज आने पर वह दरवाजा खोलने गया, तो देखा कि एक व्यक्ति मुंह पर कपड़ा बांधे हुए खड़ा था, जो स्वयं को पोस्टमैन बता रहा था। बदमाश ने उसे एक लिफाफा दिया, जिसे मुंह के पास रखने पर गौरव को चक्कर आने लगे और वह बेहोश हो गया। बदमाशों ने बच्चे को रीको कॉलोनी स्थित सेंट एन्सलम स्कूल के पास झाडिय़ों में छोडक़र चले गए। बाद में बच्चा जैसे ही होश में आया तो रोते हुए पास स्थित दुकान पहुंचा और वहां से मोबाइल पर परिजनों को फोन लगाकर सूचना दी। परिजनों के पहुंचने पर पुलिस को घटना से अवगत करवाया गया। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चे व परिजनों से घटना की जानकारी ली।बच्चे ने आरोपित का हुलिया बताते हुए कैमरों में देखकर संदिग्धों को पहचानने का प्रयास किया।
बंद पड़े थे स्कूल
के कैमरे
जहां बच्चे को छोड़ा गया था, उसके पास स्थित स्कूल के मुख्य गेट पर दो कैमरे लगे हुए थे, जिससे पूरी घटना की जानकारी आसानी से हो सकती थी, लेकिन स्कूल के कैमरे बंद होने के कारण पुलिस को तफ्तीश करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। पास स्थित ट्रांसपोर्ट कम्पनी में भी कैमरों की जांच करने पर स्टोरेज नहीं होने की समस्या सामने आई। नतीजतन घटना स्थल के पास कैमरे लगे होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं हो सका। पुलिस ने अपना घर कॉलोनी स्थित परिवार के घरों के आसपास के कैमरे खंगाल कर संदिग्धों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा था। समाचार लिखे जाने तक थाने में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था।
पुलिस के अनुसार बच्चा खुद चलकर गया
वहीं देर शाम पुलिस चौकी प्रभारी छगनलाल डांगी ने बताया कि कॉलोनी में लगे कैमरों की जांच करने पर बच्चा खुद जाता दिखाई दिया। वहीं कॉलोनी में निवासरत महिला ने भी इस बात की पुष्टि की है। पुलिस इसे बच्चे की मनगढंत कहानी बता रही है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि बच्चा कॉलोनी से तीन किलोमीटर दूर स्थित स्कूल तक कैसे पहुंचा?
Published on:
15 Aug 2018 07:35 am
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