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सांप के काटने के बाद उसकी पहचान से मिलता है मुआवजा

- सर्पदंश के बाद सांप की पहचान नहीं होने पर नहीं मिलता मुआवजा
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sirohi

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आबूरोड. सांप के काटने पर मुआवजा मिलता है, लेकिन सांप की पहचान होने पर। ऐसे में यदी सांप काटे तो पीडि़त को चिकित्सालय पहुंचाने से पहले सांप की पहचान कर लेंं, अन्यथा सांप काटने से पीडि़त की मृत्यु होने पर मिलने वाले मुआवजे से हाथ धोना पड़ सकता है। क्योंकि सरकार ने नियम ही कुछ इस प्रकार बनाया गया है और इसी आधार पर सांप काटने से मौत होने के बाद आश्रितों को मुआवजे से वंचित किया जाता है, जिले समेत आदिवासी क्षेत्र में दर्जनों लोगों की सांप के काटने से मौत होती है, लेकिन सांप की प्रजाति का उल्लेख नहीं होने से पीडि़त परिवार के लोगों को मुआवजा नही मिलता है। वन्यजीव अधिनियम के तहत यदि सांप काटने पर जान जाने पर मुआवजा चाहिए तो हर आदमी को कम से कम तीन सांपों की पहचान होना तो जरूरी है। इसमें कोबरा, रसेल वाइपर एवं एक दो अन्य प्रजाति भी शामिल है।
सांप काटने के बाद रखे तैयारी
वन्यजीव अधिनियम के तहत चयन प्रजातियों में से किसी एक सांप के काटने से हुई मौत पर एक्सग्रेशिया राशि दी जाती है। इसके लिए संबंधित के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सांप की प्रजाति का उल्लेख जरूरी है। वहीं संबंधित पुलिस में एफाआईआर, राशनकार्ड, शासकीय चिकित्सक प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत प्रमाण पत्र, अखबार के समाचार के साथ साथ सांप का को फोटो होने बाद संबंधित को वन्यजीव अधिनियम की सूची दो के अनुसार मुआवजा दिया जाता है।
शिड्यूल दो में प्रावधान
शहर समेत प्रदेशभर में सांप की कई प्रजाति दिखने को मिलती है। कई ऐसे सांप है जिसको काटने मात्र से लोगों की मौत हो जाती है। ऐसे में वन्यजीव अधिनियम १९७२ के शिड्यूल दो के अनुसार तीन प्रजाति के सांप काटने पर एक्सग्रेशिया राशि देने का प्रावधान 6 है। तीनों प्रजाति के सांप के काटने से हुई मौत पर आश्रित को करीब ४ लाख रुपए तक की राशि दी जाती है।
आदिवासी क्षेत्र में वाइपर ज्यादा
शहर समेत जिलेभर में पहाड़ी क्षेत्र में कोबरा व वाइपर सांप ज्यादातर पाए जाते है। कोबरा सांप का जहर में न्यूरोटोक्सिक की अधिक मात्रा होती है, जहो ह्दय व श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है, इससे तूरंत मृत्यु हो जाती है। चिकित्सालय में इसके लिए एंटी वेनम डोज दी जाती है, वो भी समय पर मिल जाऐ तो जान बचाई जा सकती है। वाइपर के कटने से रसेल एंटी डोज दिया जाता है। ऐसे में पोस्टमार्टम में सांप की प्रजाति नही दी जाती है, तो मुआवजा नहीं मिलता है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलता है मुआवजा
सांप की प्रजाति पहचाने तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसी सर्प के काटने का चिकित्सकों की ओर से हवाला आता है, तो मृतक के आश्रितों को एक्सग्रेसिया राशि दी जाती है।
-संग्रामसिंह कटियार, उपवन संरक्षक सिरोही।