VIDEO सेना प्रमुख बोले: मां और मातृभूमि की सेवा स्वर्ग के समान

सेना प्रमुख ने की शहीदों को श्रद्धांजलि सभा में शिरकत

By: Bharat kumar prajapat

Published: 30 Dec 2018, 05:38 PM IST

आबूरोड. सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि देशभक्ति कोई छोटी चीज नहीं है। मां और मातृभूमि की सेवा स्वर्ग के समान है। भारतीय सेना के जवान भी इसी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए मातृभूमि की सेवा करते हैं। वे रविवार को ब्रह्माकुमारी संस्थान के शांतिवन में शहीदों की श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने दो मिनट का मौन धारण कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना प्रमुख ने जिले के शहीद चतराराम की पत्नी अमिया देवी को सम्मानित किया।
उन्होंने भारतीय सेना के समस्त जवानों की ओर से ब्रह्माकुमारी संस्था को कार्यक्रम के लिए धन्यवाद ज्ञापित और कहा कि भारतीय सेना सदा तैयार रहती है, ताकि सीमाओं पर व अंदरूनी इलाकों में शांति कायम रहे। इस दौरान संस्थान की संयुक्त मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी, अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन, बीके निर्वेर, कार्यक्रम समन्वयक बीके मृत्युंजय ने भी विचार व्यक्त किए। संस्थान के करीब दस हजार लोग मौजूद थे।

संस्थान व सेना में अद्भुत मेल
रावत ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान को यूनाइटेड नेशन ने मैसेंजर ऑफ पीस का दर्जा दिया है। संस्थान की इसी रूप में पहचान है। भारतीय सेना व ब्रह्माकुमारी संस्थान भी देश में शांति कायम रखने में कार्यरत हैं। दोनों मैसेंजर ऑफ पीस हैं।

आतंक पर जताई चिंता
उन्होंने दुनिया के वर्तमान हालात व आतंकवाद पर चिंता जताते हुए कहा कि दुनिया विनाश की ओर बढ़ रही है। ऐसे समय में ब्रह्माकुमारी संस्थान का दुनिया में शांति का संदेश भेजना आवश्यक हो गया है।

संस्था से पुराना जुड़ाव
सेना प्रमुख रावत का संस्थान से पुराना जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल लक्ष्मणसिंह रावत संस्थान से जुड़े हुए थे। वे सबसे पहले मुम्बई केंद्र में व उसके बाद नोएडा केंद्र से जुड़े रहे। माउंट आबू भी उनका आना-जाना था। उनके जरिए संस्थान के बारे में जानकारी है।

कड़ी सुरक्षा में पहुंचे
सेना प्रमुख रविवार सुबह सेना के प्लेन से माउंट आबू में हवाई पट्टी पहुंचे। अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने ज्ञानसरोवर व पांडव भवन का अवलोकन किया। इसके बाद वे मानपुर हवाई पट्टी पहुंचे और ब्रह्माकुमारी संस्थान गए। कार्यक्रम के बाद अपराह्न विमान से रवाना हो गए।

दादी जानकी से मुलाकात
कार्यक्रम के बाद सेनाध्यक्ष ने संस्था प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछी। दादी ने विश्व शंाति के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में सेना प्रमुख को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उनकी पत्नी मधुलिका रावत भी साथ थीं।

 

Bharat kumar prajapat Reporting
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