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अब स्कूलों में भामाशाह खिलाएंगें भोजन

- गुजरात की तर्ज पर लागू हुई तिथि भोजन योजना
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Sirohi, Sirohi, Rajasthan, India

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आबूरोड. सरकारी विद्यालयों में शत प्रतिशत परिणाम तथा नामांकन में वृद्धि समेत छात्रों को पोषक स्तर में वृद्धि करने के मिड डे मील योजना में आए दिन नवाचार किए जा रहे है। पहले दोपहर को भोजन, उसके बाद सप्ताह में एक बार फ्रूट, तीन दिन बाद दूध एवं उसके बाद रोजना दूध देने के बाद अब नवाचार करते मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से गुजरात की तर्ज पर देश के भी सरकारी विद्यालयों में भोजन तिथि योजना का शुभारंभ किया है। अब आप किसी पर्व, त्योहार, वर्षगांठ, राष्ट्रीय दिवस या अपने जन्म दिन जैसे विशेष अवसर पर विशेष अवसर पर अपनी खुशियां स्कूली बच्चों के साथ साझा कर सकेंगे। राजस्थान सहित देश के सभी स्कूलों में भोजन तिथि योजना का शुभारंभ किया गया है। यह योजना गुजरात में संचालित तिथि भोजन के आधार पर पूरे देश में संचालित की जा ही है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से संचालित इस योजना का प्रमुख उद्देश्य सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज की सहभागिता बढ़ाना है। एमडीएम की ओर से अधिक पौषक तत्वों का समावेश करना, बच्चों में विभिन्न वर्गो तथा धर्मो के समानता के भाव उत्पन्न करना। लोगों को किसर त्योहार के मौक पर या अपने पारिवारिक आयोजन के लिए अपनी खुशी को स्कूली बच्चों के साथ साझा करने का मौका दिया जाएगा। इस योजना के तहत बच्चों को भामाशाह के सहयोग से क्षेत्रीय आदतों के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा। इस योजना के संबंध में मिड-डे मिल आयुक्त ने भी एक आदेश जारी कर दिशा निर्देश मांगा है।
चेक या नकद नहीं
इस योजना के तहत कोई भी भामाशाह संस्था प्रधान को चेक या नकद रुपए नहीं दे सकेगा। भामाशाह केवल खाद्य सामग्री या भोजन ही उपलब्ध करा सकेगा। साथ ही विद्यालय विकास समिति यह तय करेगा की भोजन ताजा और पोषण तत्व युक्त है या नहीं। इस योजना में भामाशाह वाटर फिल्टर, वाटर कूलर, पंखे भी दान कर सकते है।
हलका में भी मिलेगा
तिथि भोजन के तहत कोई भामाशाह स्वैच्छिक रूप से पूर्ण भोजन या अपनी इच्छा अनुसार खाद्य सामग्री उपलब्ध करा सकते है। भामाशाह नमकीन, मिठाई, फल, सूखे मेवे, हलवा, बिस्किट, चक्की एवं दूध सहित क्षेत्र के बच्चों को उनकी आदतों के अनुसार भोजन करवा सकते है।
इनका कहना...
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से नए निर्देश निकाले है तो उसकी पालना की जाएगी। बच्चों के हित में हरसंभव प्रयास किए जाऐगें।
अशोक व्यास, एडीपीसी रमसा सिरोही।
इस योजना के संबंध में मिड-डे मिल आयुक्त का पत्र आया है, सभी को भेज दिया है।
तरूण कुमार, मिड-डे मिल सिरोही।