
Closed gardens
आबूरोड.सरकारी पैसे की बर्बादी, बिना सोचे-समझे निर्णय, नियमित सफाई नहीं होने या फिर कुछ और। सियावा से अंबाजी मार्ग पर बंद हुए बरसाती नालों को देखकर तो यही सब कुछ कहा जा सकता है। नाले का बहाव कहीं और है, वहीं अनदेखी के कारण सभी नाले बंद हो गए है। इससे सबसे बड़ा खतरा बारिश में है क्योंकि नाले का लेवल नीचा होने तथा नाले बंद होने से सड़क समेत आस-पास में पानी भरने की आशंका है। हाईवे से सटते करीब दस से १२ नाले एक दम बंद से हो गए है। कई स्थानों पर होटल तथा व्यवसायिक लोगों ने अपने हित के लिए भी नाले बंद कर दिए है। कई स्थानों पर सुरक्षा दीवार भी गायब हो गई है।
झाडिय़ों से अटे नाले
सड़क किनारे ज्यादतर नालों में बबूल की झाडिय़ा उगी है, ऐसे में नाले का न तो बहाव क्षेत्र दिखाई देता है, और नाही निकासी। खुदा ना खास्ता रात को कभी दुर्घटना हो जावें और कोई नाले में गिर जाए तो मिल भी नहीं सकता है।
तो कहां जाएगी झरनों का पानी
सड़क किनारे ज्यादातर वे नाले बंद है, जिसमें पहाड़ी से झरनों के रूप में पानी आता है, ऐसे में नाले बंद हो जाने के कारण कभी तेज वेग से पानी आ जावें तो उसकी निकासी कैसे होगी, बस जिम्मेदारों को इंतजार है, तो हादसे का।
सर्द होने लगी शाम
आबूरोड. शहर समेत आस-पास में अब शाम तथा सवेरे मौसम सर्द होने लगा है, अलसवेरे तो पहाडिय़ों में धूंध छाई रहती है। सवेरे आने जाने वाले लोगों को ऊनी वस्त्रों का उपयोग करते देखा जाता है। माउंट समेत अंबाजी की वादियों में सवेरे धूंध रहने के कारण मौसम में ठण्डक घुल रही है। शाम को अस्तालचंल को जाते सूर्य देव का नजारा भी मनोहारी होने लगा है। ग्रामीण क्षेत्र में हवा चलने से खेतों में खड़ी सौंफ की फसल से निकलने वाली खुशबु वातावरण में घुलने से हर कोई ठहरसा जाता है। बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान ३३ तथा न्यूनतम १६ डिग्री तथा २४ प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई।
Published on:
22 Nov 2018 10:42 am
