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VIDEO दो दिवसीय सत्रांत वाक्पीठ का समापन: प्राथमिक शिक्षा का स्तर मजबूत करने पर मंथन

-राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गोयली में प्रधानाचार्यों की दो दिवसीय सत्रांत वाक्पीठ का समापन
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SIROHI

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भरत कुमार प्रजापत
सिरोही.राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गोयली में आयोजित प्रधानाचार्यों की दो दिवसीय सत्रांत वाक्पीठ का समापन मंगलवार को हुआ। कार्यक्रम जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस मौकेे उन्होंने शिक्षा को आनंददायी बनाने का आह्वान किया। साथ ही स्कूल में विद्यार्थियों की समस्या समाधान के लिए शिक्षकों को एक काउंसलिंग पैनल बनाने पर जोर दिया। इसमें विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान हो सकें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सिरोही प्रधान प्रंज्ञा कुंवर ने की। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा के स्तर व विद्यार्थियों की नींव मजबूत करने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक राजेन्द्र कुमार शर्मा ने विद्यालय प्रबंधन व उससे जुड़ी समस्याओं का निराकरण के लिए सुझाव दिया। साथ आगामी बोर्ड परीक्षा के लिए विशेष तैयारी करने के लिए प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए।
गोयली स्कूल के प्रधानाचार्य ईश्वरलाल पुरोहित ने बताया कि वाक्पीठ का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के दीप प्रज्जवितल कर किया गया। इसके बाद अधिकारियों ने शिक्षा से संबंधित समस्या पर चर्चा कर समाधान करने की जानकारी दी। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ग्राम विकास कमेटी के अध्यक्ष हड़मतसिंह सोलंकी, उप सरपंच लक्ष्मणसिंह सोलंकी, ताराचंद माली, भरतभाई सोनी, अमराराम माली, शंकरलाल लोहार, जैसाराम मेघवाल, पूनाराम मेघवाल, प्रकाश माली, जोगाराम माली, सौपाराम प्रजापत, रताराम लोहार मौजूद थे। वाक्पीठ के सचिव नरेन्द्रसिंह सिंदल ने कार्यक्रम का संचालन किया।
इन बिन्दुओं पर हुए मंथन
वाक्पीठ के दौरान संस्था प्रधान का शैक्षिक प्रशासन एक विलक्ष्ण कला, अनुशासानात्मक कार्रवाई प्रक्रिया व रिपोर्टिंग, ज्ञान संकल्प पोर्टल के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता, नामांकन एव ठहराव में सुधार के लिए प्रभावी कार्य योजना, शिक्षा विभागीय कार्यालयों की नवीनतम संरचना व कार्य क्षेत्र, एसआईक्यूई प्रमाण पत्र व पीईईओ एमपीआर, पूर्व प्राथमिक शिक्षण व्यवस्था, आंनगबाड़ी का प्रभावी संचालन व पर्यवेक्षण, साइकिल, लैपटॉप, मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना, एकफडीआर इस्पायर अवार्ड, शिक्षा विभागीय शिक्षा निर्देश एवं मार्गदर्शन आदि बिन्दुओं पर विचार-मंथन किया गया।