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VIDEO:डी-फ्लोराइड संयंत्र खराब, ग्रामीण पी रहे फ्लोराइडयुक्त पानी

जलदाय विभाग की अनदेखी के चलते आदिवासी क्षेत्र में लंबे समय से अधिकांश जगह पर डी-फ्लोराइड संयंत्र खराब पड़े हैं। जिसके कारण ग्रामीणों को शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है।
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आबूरोड. जलदाय विभाग की अनदेखी के चलते आदिवासी क्षेत्र में लंबे समय से अधिकांश जगह पर डी-फ्लोराइड संयंत्र खराब पड़े हैं। जिसके कारण ग्रामीणों को शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। सियावा, लाम्बी मार्ग समेत आदिवासी क्षेत्र में डी फ्लोराइडेशन संयंत्र लगाए गए थे, लेकिन सार संभाल नहीं होने अधिकांश खराब पड़े हैं। ग्रामीणों को आज भी खारा व फ्लोराइडयुक्त पानी पीना पड़ रहा है। संयंत्र खराब होने से अब ग्रामीण सीधे हैण्डपंप से पानी भरते हैं। ऐसे में सरकार की ओर से ग्रामीणों को शुद्ध पानी देने के उद्देश्य से हजारों की लागत से बनाए ये संयत्र खराब होने से ग्रामीणों को मजबूरन खारा व फ्लोराइडयुक्त पानी पीना पड़ रहा है।
हैण्डपम्प के चारों और गंदगी
सियावा से अम्बाजी मार्ग स्थित डी फ्लोराइड संयंत्र के चारों और गंदगी फैली हुई है, ऐसे में यहां पानी के साथ साथ ग्रामीणों को मौसमी बिमारियां होने का भी अंदेशा बना रहता है। हैण्डपम्प का पानी निकलने से दिनभर पानी पड़ा रहता है। जिसमें मच्छरों की भरमार रहती है। छोटे छोटे बच्चे भी यही बैठे रहते है, जिनको दूषित जल से होने वाली बिमारियांं आगोस में ले रही है।
बदहाल हुए पम्प
विभाग की ओर से लगाए गए अधिकत हैण्डपम्प बदहाल हुए है, कईयों में तो उपकरण भी जंग खा चुके है, फिर भी ग्रामीणों का हलक तर करने का सहारा बना हुआ है, ग्रामीण क्षेत्र में विभाग की गतिविधियां या उपकरणों की सार संभाल नहीं करने के कारण स्थिति और दयनिय होती जा रही है।

प्रतिभागियों का सम्मान किया
आबूरोड. जिला सहकारी संघ का 65 वां अखिल भारतीय सहकार सप्ताह के तहत सोमवार को श्री वैदिक कन्या विद्यालय में एक सहकार गोष्ठी एवं सहकारीता से जुडी विभिन्न प्रतियोगिताएं हुई। जिलाध्यक्ष प्रकाश आर्य ने कहा की सहकारिता आंदोलन आम आदमी एवं खासतौर से गरीब ग्रामीण और जरूरतमंद लोगो से जुडा आंदोलन होने से इसके माध्यम से सेवा का अवसर मिलता है। सहकारिता को आम लोग अपने जनजीवन में अमल में लाने के लिए सार्थक किये जाये तो हम आर्थिक दृष्टि से काफी लाभान्वित हो सकते है। प्रधान मोतीलाल आर्य ने कहा की सहकारिता के सिद्वान्त के आधार पर मूल्यवान समाज की रचना की जा सकती है। आर्य बाला सहकारी समिति की अध्यक्षा शीला चौहान ने वसुधैव कुटुम्बकम को सहकारिता का मूलमंत्र बताया। विद्यालय में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में भाग लेने वाली सरस्वती, दिव्या प्रजापति, मानसी शर्मा, रीतिका रावल, निशा मीणा, युक्ता राज, दृष्टि मोदी, सुप्रिया राजपुरोहित, ज्योति, महक कुमारी, शमा बानो, दीपिका जांगिड, निशा कुमारी को पुरस्कार वितरण किए।