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रक्षाबंधन को लेकर सजा बाजार

रक्षाबंधन के नजदीक आते ही राखी की दुकानें सज गई हैं। बहनों ने शहर से बाहर रहने वाले भाई को राखियां भेज दी हैं। इस बार अहमदाबाद, दिल्ली एवं मुंबई से राखी आई हैं।
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सिरोही. श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन 26 अगस्त को मनाया जाएगा।
इसे लेकर बाजार में रौनक नजर आने लगी है। खासतौर पर राखी और कपड़ों की खरीदारी के लिए दुकानों पर लोगों की भीड़ लगने लगी है। शादी के सीजन के बाद अब कारोबारियों को रक्षाबंधन पर कपड़ा, राखी, मिठाई और जेवर के अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
रक्षाबंधन के नजदीक आते ही राखी की दुकानें सज गई हैं। बहनों ने शहर से बाहर रहने वाले भाई को राखियां भेज दी हैं। इस बार अहमदाबाद, दिल्ली एवं मुंबई से राखी आई हैं।
लहंगा व साड़ी
की डिमांड
कपड़ा व्यापारी अरविंद रावल ने बताया कि पर्व को लेकर सलवार सूट, कुर्ती का ज्यादा क्रेज है। सोहनलाल चांदोरा ने बताया कि राजपूती पोशाक ओढऩी तथा चुंदड़ी का ज्यादा के्रज है। राजेन्द्र रावल तथा शैतानराम ने बताया कि रेशम, जरकिन वर्क और नेट पर कढ़ाई वर्क की साड़ी और शिफान पर रेशम वर्क की साडिय़ों की ज्यादा मांग है। हरियाली तीज के लिए भी महिलाएं साडिय़ां खरीद रही हैं। भाभियों को भी राखी बांधी जाती है। अधिकतर बहनें भाभियों के लिए चूड़ा एवं लुंबा राखी लाती हैं।

जिला कलक्टर के आदेश की भी नहीं हुई पालना, अवकाश के बावजूद आबूरोड में खुले कई स्कूल

आबूरोड. जिला कलक्टर की ओर से गुरुवार को विश्व आदिवासी कल्याण दिवस के उपलक्ष्य में तहसील क्षेत्र के स्कूलों व सरकारी कार्यालयों का अवकाश रखने के बावजूद कुछ स्कूल संचालकों द्वारा आदेश की पालना न करते हुए स्कूल शुरू रखी। इनमें एक स्कूल रेलवे की ओर से संचालित किया जा रहा है, जबकि अन्य निजी विद्यालय थे।
जानकारी के अनुसार जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने बुधवार को विश्व आदिवासी कल्याण दिवस पर सम्पूर्ण तहसील क्षेत्र आबूरोड (आबूरोड व माउंट आबू नगरपालिका समेत) में गुरुवार को स्थानीय अवकाश रखने के आदेश जारी किए थे। जिसकी पालना के आबूरोड तहसील व जिला स्तरीय अधिकारियों को भेजी गई थी, इसके बावजूद कुछ स्कूलों में अवकाश नहीं रखा गया। नतीजतन छात्रों व परिजनों को भी असमंजस्य की स्थिति का सामना करना पड़ा।
ये दिए तर्क
आबूरोड स्थित रेलवे सीनियर सैकंडरी स्कूल में गुरुवार को अध्यापन कार्य जारी था। इस सम्बंध में स्कूल प्रशासन से पूछने पर बताया गया कि केन्द्रीय अवकाशों के अलावा अधिक सर्दी व प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जिला कलक्टर के आदेश की पालना में अवकाश रखने की बात कही गई। वहीं नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन के सचिव समंदरसिंह से पूछने पर उन्होंने बताया कि पूर्व में भी स्कूल में जिला कलक्टर के आदेश पर अवकाश रखा गया था। स्कूल के सीबीएसई बोर्ड पर आधारित होने के कारण यदि अवकाश नहीं रखा गया है, तो शहर के अन्य सीबीएसई बोर्ड के विद्यालयों में भी गुरुवार को अवकाश रखा गया था। ऐसे में जिला कलक्टर के आदेश की पालना की जानी चाहिए। वहीं शहर के कुछ अन्य निजी विद्यालय भी शुरू रहे। शहर स्थित आदर्श विद्या मंदिर में भी अवकाश नहीं रखा गया था। गांधीनगर स्थित विद्यालय के संचालकों से इस पूछने पर बताया गया कि शिक्षा समिति सचिव से इस सम्बंध में बुधवार शाम को पूछा गया था, तो ऐसा कोई आदेश प्राप्त नहीं होने की जानकारी दी गई थी।
&माउंटआबू का केवी स्कूल भी खुला है। मेरी उनसे बात हुई थी। हमारे स्कूलों में केंद्र की ओर से निर्धारित छुट्टियां ही रखी जाती हंै, तो उसके हिसाब से हम छुट्टी नहीं रख सकते हैं। दूसरी बात यह है कि बहुत अधिक सर्दी या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जिला कलक्टर के आदेश की पालना की जाती है। ऐसा भी नहीं की हम उनके आदेशों की पालना नहीं करते हैं।
- अशोक चौहान, प्राचार्य, रेलवे स्कूल आबूरोड
&जिला कलक्टर के आदेश मिलते ही हमने उसे प्रसारित किया था। हमारी उम्मीद तो यही थी कि सभी स्कूल अवकाश रखें। यदि किसी ने पालना नहीं की है तो पता करवाएंगे, क्यों स्कूल का अवकाश नहीं रखा गया।
- सोहन सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), सिरोही