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photo story:हीरा की उम्मीदों को लगे पंख, नया पांव लगने की जगी उम्मीद

- पत्रिका में प्रकाशित समाचार के बाद भैसासिंह निवासी दिव्यांग हीरालाल गरासिया को विनोद परसरामपुरिया सेवा संस्थान की ओर से दी गई ट्राइसाइकिल
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sirohi

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आबूरोड. लम्बे समय से सरकार से मदद की आस लगाए बैठे भैसासिंह निवासी दिव्यांग हीरालाल गरासिया की उम्मीदों को पुन: पंख लग गए हैं।पत्रिका में प्रकाशित समाचार के बाद विनोद परसरामपुरिया सेवा संस्थान ने हीरा की तकलीफों को समझा और मदद का हाथबढ़ाया। संस्था की ओर से हीरालाल को ट्राइसाइकिल प्रदान करने के साथ ही जल्द ही नया पांव लगवाने का भी भरोसा दिया गया है।
गौरतलब हो कि राजस्थान पत्रिका के २३ जनवरी के अंक में 'दर्द बढ़ा तो पांव काटना पड़ा, अब लकड़ी से निखर रही हीरा की चमकÓ शीर्षक से प्रकाशित में हीरा को सरकारी मदद के अभाव में हो रही तकलीफों को बयां किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद विनोद परसरामपुरिया सेवा संस्थान के अध्यक्ष अरुण परसरामपुरिया ने गांव पहुंचकर हीरा को मदद का आश्वासन दिया था। इसी क्रम में मंगलवार को संस्थान की ओर से हीरालाल को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। संस्था के अध्यक्ष अरुण परसरामपुरिया ने बताया कि पत्रिका के माध्यम से जानकारी मिलने पर पीडि़त व्यक्ति से सपर्क किया गया। आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने के बाद अभी ट्रायसाइकिल दी गईहै। आगामी दिनों में हीरा को जयपुर महावीर सेवा संस्थान ले जाकर जयपुर फुट लगवाया जाएगा, ताकि चलने फिरने में कोई तकलीफ ना हो।

तोड़ी सड़क से आवागमन में बाधा
आबूरोड. शहर के नदी किनारे भूतेश्वर महादेव मंदिर से रेवदर हाईवे की ओर आवागमन करने वाले ग्रामीणों के लिए ग्राम पंचायत की ओर से सीसीरोड का निर्माण तो करवा दिया, लेकिन इसके बाद इसकी सार संभाल नहीं लेने के कारण ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इस मार्ग पर अज्ञात वाहन गुजरने के कारण सड़क के बीचों बीच बड़ गढ्ढा बन गया है, ऐसे में रात के समय में यहां से गुजरने वाले ग्रामीणों को गिरने का अंदेशा बना रहता है। लोगों ने बताया कि काफी समय पहले एक वाहन से यह सड़क टूट गई थी, लेकिन इसको मरम्मत कोई नहीं करवा रहा है। इस रास्ते पर एक स्कूल भी संचालित होती है, जिसमें छोटे छोटे बच्चे अध्यन को जाते है।