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आबूरोड. 5 वीं कक्षा परीक्षा में नहीं बैठे तब भी पास हो जाएंगे, यह मानसिकता अब बदलनी होगी। शिक्षा विभाग ने हाल ही मे परीक्षा के संदर्भ में निर्देश जारी करते हुए पांचवीं बोर्ड की परीक्षा में इस बार सरकारी एवं निजी स्कूलों के सभी छाऋों को अनिवार्य रूप से शामिल होने की बात कहीं हैं। इसमें शामिल नहीं होने वाले विद्यार्थियों को अब अगली कक्षा यानि छठ़ी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षा में शामिल होने की अनिवार्यता से संस्था प्रधानों को अगवत कराने के साथ ही निजी संस्थाओं को भी इसकी जानकारी भेजी है। इस बार परीक्षा में नहीं बैठने वाले संबंधित स्कूल से हटकर दूसरी संस्थाओं में छठ़ी कक्षा में प्रवेश लिए जानो की कोशिश पर पकड़े जाएंगे। इसके लिए विभाग ने सभी परीक्षार्थियों के डेटा को ऑनलाइन सुरक्षित रखे जाने के साथ ही आवेदन में शामिल होने वाले की अलग से रिपोर्ट भी बनाकर विभाग को भेजने के निर्देश दिए है।
संस्था प्रधानों को देनी होगी जानकारी
पंाचवीं बोर्ड परीक्षा के लिए सभी शिक्षक संस्थाओं के परीक्षार्थियों को आवश्यक रुप से ऑनलाइप आवेदन भरने होंगे। अगर किसी कारणों से कोई परीक्षार्थी शामिल नहीं होता है तो इसकी जानकारी संबंधित विद्यालय के संस्था प्रधान को देनी होगी।
अंतिम स्क्रीन होगी
पांचवीं में अध्यनरत सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन पूर्ण होने पर इसकी अंतिम स्क्रीनिंग की जाएगी। आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बोर्ड में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की पूरी संख्या सहित रिपोर्ट संस्थावार को भेजनी होगी।
मूल्यांकन के बाद होगा प्रवेश
विभागीय सूत्रों की माने तो अगर कोई परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में नहीं बैठने की स्थिति में है तो उसका विद्यालय स्तर पर मूल्यांकन होगा। तभी वह अगली कक्षा में प्रवेश योग्य होगा। शिक्षा का अधिकारी अधिनियम कानून (आरटीई) नियम के तहत बच्चों को आयु के अनुसार प्रवेश लेना होगा। इसके बाद छात्रों को उनकी योग्यता का आंकलन कर कमजोर अभ्यार्थियों को अलग से गु्रप बनाकर विद्यालय स्तर पर उनका स्तर सुधारा जाएगा।
Published on:
04 Jan 2019 02:55 pm
