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ABUROAD : सरकारी कामकाज में राजनीति हस्तक्षेप, आबूरोड ईओ को पहले किया एपीओ फिर आदेश निरस्त

- आबूरोड नगरपालिका ईओ के एपीओ के बाद आदेश निरस्त करने का मामला
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आबूरोड. नगरपालिका क्षेत्र में राज्य में सरकार बदलने के साथ ही अधिकारियों के कामकाज में हो रही राजनीतिक हस्तक्षेप लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक तरफ लोग इसे राज्य में सरकार बदलने नतीजा बता रहे हैं, तो वहीं कुछ स्थानीय स्तर पर पदाधिकारियों द्वारा की जा रही जोर आजमाइश का नतीजा बता रहे हैं। कारण जो भी हो, लेकिन कम समय में अधिकारियों के तबादले से आमजन का कामजा ही प्रभावित होता है। एक माह पूर्व २१ जनवरी को स्वायत्त शासन विभाग की ओर से सुनीलकुमार शर्मा को आबूरोड नगरपालिका अधिशासी अधिकारी पद पर नियुक्ति दी गई थी। लेकिन एक माह बाद ही बुधवार को विभाग ने आदेश जारी कर शर्मा को एपीओ कर दिया था। उनके स्थान पर अजमेर के किशनगढ़ नगर परिषद की अधिशासी अधिकारी को लगाया गया है। वहीं गुरुवार को पुन: डीएलबी ने आदेश जारी कर शर्मा के एपीओ आदेश को निरस्त कर पुन: आबूरोड नगरपालिका ईओ के पद पर कार्य करने के निर्देश दिए है।
ये चला घटनाक्रम
ज्ञातव्य हो कि पिछले दिनों ईओ के लम्बित कार्य पूरे करने के लिए राजकीय अवकाश निरस्त करने पर पालिकाध्यक्ष ने उन्हें पूर्व सूचना दिए बिना अवकाश निरस्त करने पर आदेश को निरस्त कर दिया था। जिसको लेकर काफी विवाद भी हुआ। इससे पूर्व भी पालिकाध्यक्ष को कार चालक नहीं देने को लेकर भी पालिकाध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी के बीच विवाद चल रहा था। पूर्व में कार्य के प्रति लापरवाही का आरोपल लगाते हुए कांग्रेस के कुछ पार्षदों का दल जयपुर जाकर भी शिकायत करके आया था। मामले के कुछ दिनों बाद ही शर्मा को एपीओ कर मुख्यालय बुला दिया गया। ऐसे में अधिकारियों के कामकाज में राजनीतिक हस्तक्षेप लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
छह माह में तहसीलदार का स्थानांतरण
आबूरोड तहसीलदार अनूपसिंह का स्थानांतरण करीब छह माह में जबकि आबूरोड नगरपालिका ईओ सुनीलकुमार शर्मा को एक माह में ही एपीओ कर दिया गया, लेकिन अगले ही दिन स्वायत्त शासन विभाग ने आदेश जारी कर तहसीलदार अनूपसिंह के एक माह के कार्यकाल में चाहे सांतपुर तालाब से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो या औद्योगिक क्षेत्र में खुले में केमिकल निस्तारण पर इकाई के खिलाफ कार्रवाई हो। सभी लोगों के लिए चर्चा का विषय बना रहा। ज्ञातव्य हो कि राजस्व मंडल अजमेर की ओर से जारी गत २६ फरवरी को २११ तहसीलदारों की सूची में तहसीलदार अनूपसिंह को पाली के रोहट में स्थानांतरित किया गया था, जबकि उनके स्थान पर तहसीलदार जोधपुर रमेशकुमार को आबूरोड तहसीलदार के पद पर लगाया गया।
लोगों ने जताई खुशी
उधर, ईओ को एपीओ करने के आदेश निरस्त होने पर शहरवासियों व व्यापारियों ने आतिशबाजी कर व मिठाई बांटकर खुशी जताई। लोगों ने बताया कि अधिकारी ने शहर में सफाई व्यवस्था सुधारने व मूलभूत सुविधाओं के लिए कार्य किया है। आदेश निरस्त होने से शहर के विकास में कार्य हो सकेंगे।