
सिरोही मोरस विद्यालय के पास झाडिय़ों में अटी पानी की टंकी।
सिरोही. जलदाय विभाग की ओर से वर्षों पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में हैण्डपम्पों पर डी-फ्लोराइडेशन संयंत्र लगाए थे, जिससे मीठा पेयजल मिल सके लेकिन संयंत्र लगाने के बाद इनकी समय पर सार-संभाल नहीं करने से अधिकांश खराब पड़े हैं। ग्रामीणों को आज भी खारा व फ्लोराइडयुक्त पानी पीना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के सभी संयंत्र खराब होने के कारण लोग सीधे हैण्डपंप से पानी भरते हैं। समीप के गोयली गांव में भी प्लांट लगाए थे लेकिन खराब हो गए हंै। पिण्डवाड़ा तहसील के मोरस गांव में स्कूल के पास लगा संयंत्र खराब हो गया है।
एक तरफ डी-फ्लोराइडेशन संयंत्र खराब होने से सरकार की लाखों रुपए की राशि का कोई उपयोग नहीं हो रहा है तथा उन पर पानी फिरता नजर आ रहा है। दूसरी तरफ ग्रामीणों को मजबूरन खारा व फ्लोराइडयुक्त पानी पीना पड़ रहा है। कई रोग फैलने की आशंका बढ़ गई है। घुटनों व कमर में दर्द, पेट रोग आदि फैल रहे हैं। बावजूद इसके जलदाय विभाग की ओर से
इनकी मरम्मत करवाकर सुचारु करने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
झाडिय़ों से अटी टंकी
मोरस में विद्यालय के पास जीएलआर का निर्माण करवाया था लेकिन इससे ग्रामीणों को फायदा नहीं मिल रहा है। यहां काम कर रहे लोगों ने बताया कि टंकी का निर्माण कर रंग कर दिया लेकिन इसमें पानी की व्यवस्था नहीं की है। अनदेखी के कारण टंकी बरसाती झाडिय़ों में अटी हुई है।
मोरस बांध में तीन दिन बाद मिले शव
पिण्डवाड़ा. मोरस बांध में डूबे दो युवकों के शव रविवार दोपहर बाद निकाले गए। पुलिस ने शव को चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया है। मंगलवार सवेरे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द करेंगे। जानकारी के अनुसार अलवर निवासी मनीष, संजय व एक साथी उदयपुर से ट्रक में सामान भरकर गुजरात जा रहे थे। मोरस में ट्रक खराब हो गया। ऐसे में मनीष बांध में नहाने कूद गया, डूबने पर चिल्लाया तो संजय भी कूदा लेकिन वह भी डूबने लगा। दोनों को डूबते देख तीसरे ने बाहर निकालने के प्रयास किए लेकिन सफल नहीं हो पाया। रविवार सवेरे आठ बजे एक शव तथा दूसरा दोपहर को बाहर निकाला।
Updated on:
17 Sept 2018 10:28 am
Published on:
17 Sept 2018 10:28 am
