
आबूरोड के ब्रह्माकुमारी संस्थान के शांतिवन में आयोजित वैश्विक सम्मेलन को सम्बोधित करते गृहमंत्री व मंचासीन अतिथि।
आबूरोड. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा व केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथसिंह के मुख्य आतिथ्य में शनिवार को ब्रह्माकुमारी संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में विज्ञान, अध्यात्म और पर्यावरण विषय पर वैश्विक सम्मेलन का आगाज हुआ।
उद्घाटन सत्र में गृह मंत्री ने कहा कि विज्ञान, अध्यात्म व धर्म एक-दूसरे के विपरीत होने की अवधारणा विदेशों की है। भारत की अवधारणा है कि विज्ञान व अध्यात्म एक-दूसरे के पूरक और एक हैं। चरक, आरोहक, आर्यभट्ट जितने बड़े ऋषि थे, उतने बड़े वैज्ञानिक भी थे। गणित, विज्ञान व चिकित्सा सभी वेदों से मिले हैं।
उन्होंने कहा कि जीवन में बड़ा काम करने के लिए बड़ा मन होना जरूरी है। धार्मिक स्थलों पर पूजा व इबादत करने के साथ मन बड़ा करने की जरूरत है। उन्होंने संस्थान के कार्यों की सराहना की। जो कार्य सरकार नहीं कर सकती वे भी संस्था करने का प्रयास कर रही है।
शाकाहार सबसे उत्तम- मैपल्स
अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पूर्व पत्नी मारला मैपल्स ने कहा कि कई तरह का भोजन किया है, लेकिन शाकाहार सबसे उत्तम है। मांसाहार से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है।
जरूरत अनुसार ही लें प्रकृति से - साराभाई
अहमदाबाद के सेंटर फॉर एन्वॉयरमेंट एजुकेशन के फाउंडर-डायरेक्टर व साइंटिस्ट पद्यश्री डॉ. कार्तिकेय साराभाई ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिए हमें प्रकृति से उतना ही लेना होगा, जितनी जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को परंपरा और तकनीक साथ लेकर चलने के कारण चैंपियन ऑफ द वल्र्ड का सम्मान मिल रहा है।
हम एक परमात्मा की संतान - दादी रतनमोहिनी
संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने कहा कि हम सब एक परमात्मा की संतान आपस में भाई-भाई हैं। इसलिए एक-दूसरे का सहयोग करें, प्रेम से रहें व एक-दूसरे को खुशी दें। कार्यक्रम संयोजक व संस्थान के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय ने 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की जानकारी दी।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भेजा बधाई पत्र
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामना संदेश भेजा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बधाई पत्र भेज कर हर्ष जताया है।
इन्होंने भी व्यक्त किए विचार
केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत, डॉ. सिंधुताई सपकाल, संस्थान की जनरल मैनेजर बीके मुन्नी, अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन आदि ने विचार व्यक्त किए।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में गोपालन राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद देवजी पटेल, विधायक जगसीराम कोली, जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया, जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल, एसपी जय यादव, आबूरोड नगरपालिका अध्यक्ष सुरेश सिंदल, यूटीआई चेयरमैन सुरेश कोठारी, भाजपा जिला अध्यक्ष लुंबाराम चौधरी, उपखंड अधिकारी निशांत जैन, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मुनव्वर खान समेत 140 देशों से से आए 6 हजार से अधिक लोग मौजूद रहे। प्रसिद्ध अभिनेत्री ग्रेसी सिंह ने टीम के साथ प्रस्तुति दी।
तुलसीगिरी से लिया आशीर्वाद
बाद में गृह मंत्री ने तलहटी स्थित महंत तुलसीगिरी के आश्रम पहुंचकर आशीर्वाद लिया। कुछ देर वार्ता के बाद मानपुर हवाई पट्टी से
दिल्ली चले गए। इस दौरान रघुवीरसिंह देवड़ा, बालक गिरी, निरंजन गिरी, प्रशांत यादव, राकेश भाई मौजूद थे।
पवित्रता आत्मा की मूल संपदा - चीफ जस्टिस
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि संस्थान की सेवाएं मानव को सही दिशा में ले जा रही हैं। संसार को जिस शांति की जरूरत है, उस वातावरण का निर्माण यहां हो रहा है। कम बोलो, धीरे बोलो, मीठा बोलो... ये शब्द यहां मंत्र की तरह कार्य करते हैं। पवित्रता आत्मा की मूल संपदा है। संस्था की पवित्रता हर मानव को अध्यात्म से परिपूर्ण करने में मदद करती है। अर्जुन और श्रीकृष्ण के वास्तविक संवाद का रहस्य समझने की जरूरत है जो यहां पर स्पष्टीकरण हो रहा है। चीफ जस्टिस ने पेंटिंग प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
Updated on:
30 Sept 2018 11:07 am
Published on:
30 Sept 2018 11:07 am
