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सिरोही. कृषि में उपयोग होने वाले महंगे यंत्रों को खरीदना हर किसान के बूते नहीं होता, ऐसे में लघु एवं सीमांत किसान अब आसानी से बुवाई व फसल कटाई के उपकरण किराए पर ले सकेंगे। यह सब कुछ होगा कस्टम हायरिंग सेंटर से। राज्य सरकार ने किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए ये सेंटर खोलने के आदेश जारी किए हंै। जिले की तीन पंचायत समितियों में सेंटर खोले जाएंगे। हालांकि जिले से अभी किसी ने आवेदन नहीं किया है। इसके तहत खरीदे जाने वाले कृषि यंत्रों पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। राज्य सरकार ने ऐसे सेंटर खोलने में सहयोग के लिए कृषि यंत्र कंपनियों से फ्रेंचाइजी खोलने का एमओयू किया है। वहीं काश्तकार निजी स्तर पर भी सेंटर खोल सकता है। इससे युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।
इन सेंटरों में ट्रैक्टर, थ्रेसर, ग्राइंडर, टिगर आदि महंगे उपकरण मिलेंगे। इनकी खरीद पर राज्य सरकार 40 प्रतिशत तक अनुदान देगी। किराया दर संबंधित इलाके के अनुसार लगेगी।
ये है प्रक्रिया
सेंटर खोलने के लिए आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड, जमीन की जमाबंदी, यंत्र की डिटेल, किससे खरीदना है, कौनसे बैंक से लोन लेना आदि की जानकारी देनी होगी। इसके बाद कृषि कार्यालय में आकर आवेदन जमा करवाना होगा जहां से प्रशासनिक स्वीकृति के लिए जयपुर भेजा जाएगा। इसके बाद बैंक संबंधित व्यक्ति की आय देखकर लोन पास करेगा।
कहीं से भी खरीद सकेंगे
खेती के उपकरण खरीदने के लिए संस्था कृषि विभाग से पंजीकृत होनी चाहिए। प्रदेश में सेंटर खोलने वाला व्यक्ति कहीं से भी उपकरण खरीद सकेगा। उपकरण आने के बाद कृषि उपनिदेशक भौतिक सत्यापन के लिए टीम भेजेंगे। टीम माल पुराना है या नया इसकी जांच करेगी।
मिलेगी 40 प्रतिशत सब्सिडी
सेंटर खोलने वाले व्यक्ति को सरकार 40 प्रतिशत की सब्सिडी देगी लेकिन सेंटर 6 साल तक चलाना होगा। इसके बाद विभाग उसके खाते में ये सब्सिडी जमा करवाएगा।
&कस्टम हायरिंग सेंटर की योजना आई है, इसका प्रसार प्रचार भी किया लेकिन अभी कोई आवेदन नहीं आया है, वैसे इसकी जानकारी लेने के लिए कई जने आते हंै।
- जगदीशचन्द्र मेघवंशी, उपनिदेशक, कृषि विभाग, सिरोही
Published on:
10 Aug 2018 11:07 am
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