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आशाओं का होगा जीवन बीमा, जिले में 657 को मिलेगा लाभ, 15 अक्टूबर तक विशेष अभियान

जिले में 657 को लाभ
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सिरोही. चिकित्सा विभाग की सबसे निचली कड़ी यानी आशा का अब सरकार जीवन बीमा करवाएगी। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत जिले के साथ ही प्रदेशभर की आशाओं का बीमा करवाया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन राजस्थान के मिशन निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के शासन सचिव ने 20 सितम्बर को परिपत्र जारी किया है। योजना से जिले की 657 आशाएं लाभान्वित होंगी।

नहीं लेंगे प्रीमियम
चिकित्सा विभाग के अनुसार दो लाख रुपए की बीमा योजना के तहत कोई प्रीमियम नहीं देना होगा और यह खर्च सरकार उठाएगी। बीमा बैंक करेगा। इसलिए आशा सहयोगिनियों के जो बैंक खाते आशा सॉफ्टवेयर में दर्ज हैं, उन्हीं की शाखाओं से बीमा करवाया जाएगा। योजना में बीमा राशि के विभाग से पुनर्भरण के लिए अंतिम तिथि 30 सितम्बर रखी गई है।

15 अक्टूबर तक विशेष अभियान
बीमा योजना में आशा सहयोगिनी के जीवन बीमा करवाने में सहयोग के लिए 15 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। संबंधित पीएचसी हेल्थ सुपरवाइजर/ एलएसवी संबंधित बैंक से फार्म प्राप्त कर भरने में सहयोग करेंगे।

यहां इतनी आशा कार्यरत
जिले में इस योजना से करीब 657 आशाएं लाभान्वित होंगी। सिरोही में 115, आबूरोड 158, शिवगंज 97, पिण्डवाड़ा 189 एवं रेवदर में 98 आशा कार्यरत हैं। आंकड़ा रविवार 23 सितम्बर तक का है।

इनको नहीं मिलेगा लाभ
विभाग की ओर से उन्हीं आशाओं का जीवन बीमा का प्रीमियम का भुगतान किया जाएगा जो
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और समेकित बाल विकास सेवा में पत्र जारी करने की तारीख को
कार्यरत हैं।

सिरोही अस्पताल में मदर मिल्क बैंक से दूध देना शुरू
सिरोही. शिशु मृत्यु दर को कम करने और कुपोषण खत्म करने के उद्ेदश्य से जनाना अस्पताल में रविवार से नवजात शिशुओं को दूध मिलना शुरू हो गया। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. दर्शन ग्रोवर ने बताया कि बैंक में एक हजार यूनिट दूध रखने का प्रावधान है, यहां 900 यूनिट दूध जमा हो गया था, इस पर चिकित्सा विभाग के राज्य सलाहकार योग गुरु देवेन्द्र अग्रवाल की मौजूदगी में सवेरे दो महिलाओं को दो-दो यूनिट दूध दिया गया। एक यूनिट में 3 एमएल दूध होता है।
बाहरी शिशुओं को लाभ
डॉ. ग्रोवर ने बताया कि अब तक सिर्फ वार्ड में भर्ती शिशुओं को ही दूध दिया जा रहा है, लेकिन आगामी समय में अस्पताल से बाहर वाले बच्चे को भी दूध दिया जाएगा। ताकि दूध के अभाव में कोई बच्चा बीमार नहीं हो सकेगा।