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सिरोही. काम करने का जज्बा हो तो कुछ भी मुकाम हासिल करना मुश्किल नहीं होता। काम की शुरुआत में अवरोध झेलना पड़ता है। इनसे पार पाकर जो आगे निकल गया, सफलता उसके कदमों में होती है।
जिला मुख्यालय के समीप लोटीवाड़ा गांव स्थित कृषि कुएं पर दो दोस्तों ने मिलकर आधुनिक खेती के जरिए कामयाबी की नई इबारत लिख दी। क्षेत्र में आधुनिक खेती का उनका पहला प्रयास सफल रहा। इस क्षेत्र से अधिकांश किसान पिछले कई साल से परम्परागत तरीके से खेती करते आ रहे हैं लेकिन नारादरा के शंभुसिंह पुत्र मोहब्बतसिंह देवड़ा व लोटीवाड़ा के रगाराम पुत्र नरसाराम ने कृषि विभाग के अधिकारियों से सलाह लेकर 10 बीघा में नीम्बू के 650 पौधे लगाए। पौधों में जैविक खाद दिया जा रहा है। हालांकि पौधे लगाए हुए अभी तक 6 महीने हुए।
देवड़ा ने बताया कि यह प्रयोग सफल होने के बाद अनार, पपीता समेत अन्य बागवानी खेती करेंगे। देवड़ा इससे पहले चेन्नई में नौकरी करते थे लेकिन वेतन सही नहीं मिलने के कारण आधुनिक तरीके से खेती का विचार आया। उन्होंने बताया कि नीम्बू के साथ 40 बीघा में अरण्डी, 20 बीघा में सरसों, 25 बीघा में गेहूं, 10 बीघा में देशी जीरा व 10 बीघा में इसबगोल की खेती कर रखी है। इससे अच्छी कमाई मिल रही है।
रगाराम ने बताया कि खेती से पहले टेम्पो चलाता था। एक बार शंभुसिंह मिले और आधुनिक तरीके से खेती का विचार रखा। इसके बाद में कृषि वैज्ञानिकों से सलाह ली। नीम्बू के पौधों के बीच में मूंग व अन्य फसल की बुवाई करते हंै। कृषि कुएं पर गाय व भैंस भी रखते हैं।
Updated on:
03 Jan 2019 04:33 pm
Published on:
03 Jan 2019 04:33 pm
