
sirohi
आबूरोड. आंसमा में रंग-बिरंगी, लहराती, इठलाती, बलखाती पतंगें। निगाहें आसमां की ओर, कुछ की निगाहें पतंगों के पेंच पर। छत और मैदानों में कुछ इसी अंदाज में शहर समेत आस-पास में सोमवार को मकर संक्रांति का उल्लास नजर आया। सवेरे से देर शाम तक लोगों ने जमकर पतंगबाजी की। बच्चे, युवा किशोर अल सुबह हाथों में डोर व पतंग थामे छत व मैदानों में पहुंच गए। पतंगों के पेंच काटने की होड़ शुरू हो गई।
ये काटा, वो काटा का शोर
जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया लोगों का उत्साह बढ़ता चला गया। लाउड स्पकीर पर संगीतमय माहौल में पतंगबाजी करता रहा। आसमां में पतंगें इठलाती-लहराती रही और लोग आनंदित होते रहे। दिनभर फ्लिमों के गीतों पर पतंग काटने की प्रतिस्पर्दा भी हुई। छतों पर दिनभर तिल की मिठास व चाय की चुस्कियां चलती रही। नन्हें-मुन्ने भी पतंगें उड़ाने में पीछे नहीं रहे। किसी ने भैया के साथ तो किसी ने चाचा-मामा के साथ पतंग उड़ाई। नन्हें मुन्नों की पतंगें कभी हवा के झोकों के संग इठलाती नजर आई तो कभी पेड़ व तारों में उलझती रही।
दिनभर दान-पुण्य
संक्रांति के पुण्य काल में लोगों ने गौ को चारा डाला, कंबल व ऊंनी वस्त्र बांटे। ग्रहणियों ने सुहाग के प्रतीक व अन्य उपहार भेंट किए। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के १३-१३ महिलाओं को अलग अलग सौदर्य सामग्र्री वितरित की। बाजार में कई लोगों ने भोजन की व्यवस्था भी की गई। जिसमें सभी को भोजन करवाया गया।
भागते रहे पतंगों के पीछे
शहर की गलियों, मैदानों व छतों पर पतंग के लुटेरों की भी कमी नहीं दिखी। बच्चे पतंगों को लूटते नजर आए। उनकी चौकस निगाहें पेच लड़ाती पतंगों पर टिकी हुई थी। वे पतंगों के पीछे दौड़ते, भागते रहे। छीना झपटी में भी पीछे नहीं रहे। कई बार तो लूटमारी में बच्चों के बीच कहासुनी भी हो गई। देर शाम पतंगों को लूटने का दौर चलता रहा। शहर के मुख्य बाजार, सांतपुर, तलहटी एवं आमथला मार्ग पर सड़क पर बच्चों को पतंग के पीछे भागते देखा गया।
Updated on:
15 Jan 2019 12:38 pm
Published on:
15 Jan 2019 12:28 pm
