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मंडार. दो माह पूर्व मेघवाल समाज के युवाओं की पहल रंग लाई और बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कारवान बनने का मौका मिल रहा है। धीराबाबा मंदिर परिसर में शुरू किए वाचनालय से रोशनी नजर आने लगी है।
वाचनालय में कक्षा पहली से बाहरवीं तथा निरक्षरों को शिक्षित युवा व सेवानिवृत्त शिक्षाविद शाम को दो पारियों में निशुल्क शिक्षा देने के साथ नशा प्रवृत्ति से मुक्त करने का प्रयास कर रहे हंै। बालक वाचनालय के साथ शिक्षा के प्रति रुचि दिखा रहे हैं।
वाचनालय में चार सौ से अधिक पुस्तकों की व्यवस्था है। हर घर से विद्यालयों में अध्ययनरत व वंचित बालक-बालिकाओं को वाचनालय से जोड़कर कर अलग से पढ़ाने की शुरुआत की गई। युवाओं ने समाज के प्रतिभावान बालकों को सामान्य ज्ञान, संस्कार से जोडऩे व शिक्षा के प्रति सजग रहने का संकल्प दिलाते हुए आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया। वर्तमान में करीब दो सौ लोग शिक्षा व सामान्य ज्ञान ले रहे हैं।
कमेटी के कांतिलाल मेघवाल ने बताया कि समाज को अग्रिम पंक्ति में लाने के लिए धर्मज्ञान के साथ शिक्षा व संस्कार जरूरी हैं। सामान्य ज्ञान से छात्रों के मस्तिष्क का विकास होता है। मेघवाल ने बताया कि उनकी टीम में भैराराम, अजीतकुमार, पारसकुमार व चुन्नीलाल हंै। सभी शिक्षित हैं। सभी शाम को पुस्तकालय आते हैं। शाम को साढ़े चार से छह बजे तक कक्षा एक से सातवीं और छह बजे से साढ़े सात तक आठवीं से बाहरवीं के छात्र आते हैं। समाज के कई निरक्षर बुजुर्ग भी पढऩे आ रहे हंै। सेवानिवृत्त शिक्षाविद अमराराम बुनकर, लवजीराम, हीराराम, शंकरलाल आदि निशुल्क सेवाएं दे रहे हैं।
Published on:
16 Oct 2018 08:17 pm
