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बच्चों को एक सितम्बर से रोजाना मिलेगा दूध

बच्चों को एक सितम्बर से रोजाना मिलेगा दूध
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सिरोही. सेहत का गिलास, हर बच्चे के हाथ उद््देश्य के साथ शुरू की गई अन्नपूर्णा दूध योजना में अब पहली से आठवीं के बच्चों के लिए खुशखबर है। जिले में 223 माध्यमिक, 6 78 प्रारम्भिक विद्यालयों एवं मदरसों के करीब एक लाख 14 हजार 26 बच्चों को एक सितम्बर से रोजाना दूध मिलेगा। शिक्षा निदेशालय के आदेश के बाद जिला शिक्षा अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री ने स्वाधीनता दिवस पर शिक्षा के क्षेत्र में कई घोषणाएं की थीं। इनमें स्कूलों में छह दिन दूध वितरित करना भी शामिल है। इसके लिए सरकार ने 203 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध करवाई है।
समय की बर्बादी
योजना शुरू होने के साथ ही शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है। अब नियमित होने से पढ़ाई नाम मात्र की रह जाएगी। पहले से ही पोषाहार देने में काफी समय बर्बाद हो रहा था। अब दूध भी रोजाना देने से परेशानी और बढ़ जाएगी। अब परेशानी उन स्कूलों में आएगी, जहां एक या दो शिक्षक हैं। योजना एक जुलाई से शुरू की गई थी। इसके तहत सप्ताह में तीन दिन दूध पिलाना शुरू किया था। अब रविवार व अन्य अवकाश के दिन को छोडक़र सप्ताह में छह दिन लगातार गर्म दूध देना होगा।
लगते हैं दो घंटे
स्कूलों में बच्चों को दूध पिलाने में दो घंटे लगते हैं। दूध गर्म कर वितरित किया जाता है। इसके बाद बच्चे दूध पीते हैं और फिर बर्तन साफ करते हैं। इसमें काफी समय लग जाता है।

कजली तीज आज, सोलह श्रंगार करेंगी सुहागिनें
सिरोही. जिलेभर में ब़ुधवार को कजली तीज हर्षोल्लास से मनाई जाएगी। भाद्रपद माह के कृष्णपक्ष की तृतीया को यह पर्व मनाया
जाता है।
इसमें लड़कियां इच्छित वर की कामना से एवं विवाहित महिलाएं पति और परिवार की खुशहाली के लिए माता गौरी और शिवजी का विशेष पूजन करती हैं।पूजन व चांद के दीदार के बाद सत्तू का भोग लगाया जाएगा।
ऐसे होती है पूजा
गांव या शहर में एक स्थान पर सभी तिजणियां सोलह श्रंगार कर आती हैं। वहां पर गोबर से एक तालाब बनाकर उसमें नीम की टहनी रोपी जाती है। दुग्ध और जल डालकर किनारे घी का दीपक जलाकर तालाब की पूजा की जाती है। उसके बाद दीपक के उजाले को देखकर नमन करते हैं। बाद में चंद्रमा को अध्र्य दिया जाएगा। उसके बाद पति का चरण स्पर्श कर व्रत खोला जाएगा। कजली तीज पर महिलाएं एवं युवतियां मेहंदी लगाती हैं।