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आबूरोड. इन दिनों भीषण गर्मी का दौर चल रहा है, दोपहर को पारा 4३ से ऊपर है और मनरेगा श्रमिकों को बिना छाया और सुविधा के काम करना पड़ रहा है। ऐसे में भरी दोपहर में मनरेगा योजना के तहत कार्यस्थलों पर मजदूरों को गर्मी से बचाने के उपाय कार्यस्थलों पर अब तक शुरू नहीं हुए हैं। मनरेगा के तहत कार्यस्थलों पर मजदूरों के लिए छाया, पानी, दवा आदि के इंतजाम के प्रावधान भले ही हैं, लेकिन इनकी पालना दिखलाई नहीं देती। यह महज कागजों में ही हैं। मनरेगा कार्य का समय बदलना था, लेकिन वो भी नहीं बदला। आबूरोड में चल रहे मनरेगा कार्यो पर ज्यादातर स्थानों पर बिना छाया व पालने के ही उनसे काम कराया जा रहा है। पत्रिका टीम ने शुक्रवार को क्यारिया में सिंचाई विभाग के नहर के रखरखाव का चल रहे कार्यस्थल पड़ताल की तो चुभती-तपती गर्मी के मौसम में श्रमिक बेहाल नजर आए।
दूर से लाना पड़ता है
यहां पानी की काफी समस्या है, कई हैण्डपम्प खराब पड़े है, ऐसे में पानी वाली महिला को करीब पौने एक से एक किलोमीटर तक की दौड ़भाग करनी पड़ रही है। श्रमिकों ने बताया कि गर्मी के मौसम में हर साल यह समस्या होती है। कई स्थानों पर नहर के पास हैण्डपम्प होता है वहां तो ठीक है, लेकिन दूर होने पर गर्मी में पानी लाना भी भारी पड़ता है।
तो कैसे पालने में सोएगा बच्चा
कार्यस्थल पर मेट सबलाराम ने बताया यहा कि २६ श्रमिक नियोजित हैं, जो गर्मी में परेशान हो रहे हैं। समस्या तो है, लेकिन कोई आए तो हम बताएं। दोपहर को खाना खाते समय पेड़ की छांव में बैठना पड़ता है। श्रमिकों में सग्नु, मुफी, केरी ने बताया कि दवाईया तो नियमित मिलती है, लेकिन छाया तथा पालने की व्यवस्था नहीं है। श्रमिक कार्य के दौरान रेस्ट के समय छाया में बैठकर भोजन आदि कर सकें इसके लिए टेंट होना जरूरी है। महिला श्रमिकों के बच्चों के लिए पालने लगाने का भी प्रावधान है, ताकि श्रमिक कार्य करते समय अपने बच्चों को पालने में सुला सकें।
होली भी फीकी रही
उप मुख्यमंत्री पायलट के प्रदेशभर में काम मांगो अभियान का ऐलान तो कर दिया, लेकिन काम का मेहनताना देने में सरकार पांव पीछे हटा रही है। यहां काम कर रहे मेट समेत श्रमिकों ने बताया कि यहां पांचवा मस्टररोल चल रहा है, लेकिन अभी भी भुगतान नहीं मिला हैं। सिंचाई विभाग की ओर से प्रत्येक श्रमिक को १६२ रुपए का भुगतान किया जाता है, लेकिन अभी तक इनको इसका लाभ नहीं मिला है, ऐसे में इनकी होली भी अबकी बार फीकी निकली।
फैक्ट फाइट
कुल ग्राम पंचायत- ३२
कार्य चल रहे ह- 3२ पंचायतों में
कुल कार्य जिनके मस्टररोल इश्यू किए- १७७
कुल श्रमिक कार्यस्थल- ५९१०
इनका कहना...
सभी के भुगतान बनाकर भेज दिए है, विभाग से ही पेंडिंग चल रहा है, कई स्थानों पर टेंट है कईयों पर लगाने का प्रयास किया जाएगा।
- अरविंद गोदावत, सहायक अभियंता मनरेगा आबरोड।
Updated on:
06 Apr 2019 03:59 pm
Published on:
06 Apr 2019 03:59 pm
