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Success Story: मजदूर का बेटा बना RAS ‘अफसर’, नरेश कुमार ने रच दिया इतिहास, अब IAS बनना है लक्ष्य

RAS Result 2024: सिरोही जिले के अनादरा गांव के नरेश कुमार मेघवाल ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद आरएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर मिसाल पेश की है। पटवारी की नौकरी के साथ पढ़ाई करते हुए हासिल की गई यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बनी है।

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नरेश कुमार। फोटो- पत्रिका

नागाणी/सिरोही। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आरएएस के अंतिम रूप से घोषित परिणाम में सिरोही जिले की रेवदर तहसील के अनादरा गांव निवासी तथा जालोर जिले में पटवारी के पद पर कार्यरत नरेश कुमार मेघवाल ने 1442वीं रैंक हासिल की है। नरेश कुमार क्षेत्र के पहले व्यक्ति हैं, जिन्होंने आरएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर यह उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान में वे जालोर के रामसीन में पटवारी के रूप में कार्यरत हैं और नौकरी के साथ पढ़ाई करते हुए उन्होंने यह सफलता प्राप्त की।

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मनरेगा में मजदूरी

नरेश का पारिवारिक परिवेश आर्थिक रूप से कमजोर रहा है। उनके पिता गोपाराम लोडिंग टेंपो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि मां शांति देवी मनरेगा में मजदूरी करती हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद नरेश ने हार नहीं मानी और निरंतर मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनके चयन से गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

पत्रिका रिपोर्टर से बातचीत में नरेश ने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित किया और समय का बेहतर उपयोग किया। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनका लक्ष्य देश सेवा करना रहा है। पटवारी बनने के बाद भी उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।

उन्होंने जयपुर में रहकर कोचिंग ली, साथ ही घर पर रहकर भी नियमित अध्ययन किया। नरेश ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित होना है, जिसके लिए वे लगातार प्रयास करते रहेंगे। नरेश के परिवार में दो भाई हैं, जिनमें छोटा भाई भी सरकारी सेवा में कार्यरत है। माता-पिता की मेहनत और संघर्ष ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

मावल के जयेश प्रजापति की 73वीं रैंक

आबूरोड ब्लॉक के मावल गांव निवासी जयेश प्रजापति ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा भर्ती परीक्षा 2024 के घोषित परिणाम में राज्य स्तर पर 73वीं रैंक हासिल की है। जयेश ने लगातार दूसरे वर्ष यह सफलता प्राप्त की है। इससे पहले आरएएस भर्ती परीक्षा 2023 में उन्होंने 251वीं रैंक प्राप्त की थी, जबकि उनकी छोटी बहन कामिनी प्रजापति ने 267वीं रैंक हासिल की थी। जयेश वर्तमान में तहसीलदार पद के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं। दोनों भाई-बहन शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं और कठिन परिश्रम के दम पर उन्होंने प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह बनाई है।