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सिरोही. राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम यानी रोडवेज के सिरोही डिपो पर व्यवस्थाएं शर्मनाक स्तर तक पहुंच गईं हैं। बस स्टैण्ड परिसर ग्रामीण परिवेश का अहसास करवाता है। इसमें घुसते ही धूल के गुबार से स्वागत होता है। सड़क नदारद हो चुकी है। यह स्थिति कई वर्ष से है पर अब हालात विकट हो चुके हैं। बसों के आवागमन के दौरान उड़ती धूल के कारण बैठना भी दुश्वार है। अधिकांश यात्रियों, दुकानदारों, पुलिसकर्मियों को मुंह पर रुमाल या मास्क लगाकर बैठना पड़ता है। दुकानों पर रखा नाश्ता व अन्य खाद्य पदार्थ धूल से सन जाते हैं और बेचने लायक तक नहीं रहते। धूल की समस्या के कारण बस स्टैण्ड के मुख्यद्वार के पास नाश्ते का एक केबिन बंद करना पड़ा।
करीब आठ माह पूर्व आगार प्रबंधक ने राज्यमंत्री से चर्चा होने तथा एक करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया था। उधर, रोडवेज अधिकारी बजट नहीं होने का बहाना बनाकर कर्तव्य निभा लेते हैं। जनप्रतिनिधि भी बेपरवाह बने हुए हैं। इन हालात में जनता बीमारी व परेशानी झेलने को मजबूर है।
गुरुवार दोपहर में बस स्टैण्ड पर मुंह पर रुमाल बांधे बैठे एक यात्री राहुल कुमार ने बताया कि यहां कुछ पल रुकना भी मुश्किल है। बस का इंतजार तो करना ही पड़ेगा।
& इस संबंध में दो बार एमडी को अवगत करवा दिया है। वहीं सहायक अभियंता भी आए थ। निजी संस्थाओं से भी मिला हूं।
अशोक सांखला, मुख्य प्रबंधक रोडवेज, सिरोही
Updated on:
27 Oct 2018 11:11 am
Published on:
27 Oct 2018 11:11 am
