
No one here asks ...
आबूरोड. रेलवे स्टेशन, रीको के दो बड़े ग्रोथ सेंटर गुजरात की सीमा होने के बावजूद यहां अनजान लोगों का कोई अता-पता नहीं पूछ रहा है। हालांकि रीको पुलिस थाना अभी खुला है, लेकिन यहां करीब २०० ईकाईयों में करीब चार से पांच हजार मजदूर काम करते है। ऐसे में आबूरोड समेत आस-पास में बगैर जान-पहचान के लोग आते जाते रहते है। कहने को पुलिस की बीट प्रणाली में काफी जवान हर व्यक्ति पर नजर रखें, लेकिन विडंबना है कि ये खुद ही नजर नहीं आते। अनजान तो क्या शहर तथा ग्रामीण भी इनको नहीं जानते। केवल पुलिस ही इसके लिए जिम्मेदार नहीं है, जिम्मेदारी आम नागरिकों की भी है कि वे किसी अनजान को अपने यहां रहने की अनुमति देने से पहले पूछें जरूर कि वो है कौन? पुलिस को भी बताएं।
बार्डर से भी आवागमन
आबूरोड उपखण्ड क्षेत्र में बड़ी बड़ी ईकाईयां होने के कारण यहां से लगने वाली सीमा की सुरक्षा को लेकर जहां चाक-चौबंद इंतजाम होने चाहिए वहां सुरक्षा में सुराख का आलम यह है कि कौन कहां से आकर यहां रह रहा है कोई पूछने वाला नहीं है। शहर में भी कुछ ऐसा ही हाल है। पुलिस की बीट प्रणाली कागजों में ही है। यहां अन्य राज्यों के काफी लोग मजदूरी भी कर रहे है।
भूल बैठे तफ्तीश
शहर समेत आस-पास में बाहरी लोगों का लगातार यहां आना तथा रूकने का कारण है समय पर पूछताश नहीं करना। पुलिस के अलावा सबसे बड़ा हमारा खुद का सामाजिक ताना-बाना जिसमें किसी भी अनजान को देखकर पहले पूछा जाता था कि आप कौन हो, कहां से आए, आगे कहां जाना है, यहां आपकी क्या रिश्तेदारी है, कैसे आए, कब जाओगें जैसे सवालों से पूरी तफ्तीश होती थी वह भी भूल बैठे हैं। आलम यह है कि एक के बाद एक अनजान लोगों का रोजाना आना जाना लगा रहता है।
इनका कहना...
रीको थाने को अभी बनाया है, ईकाईयों के मालिकों को अपने यहां काम करने वाले श्रमिकों की आईडी तथा दस्तावेज देने को कहां है, सिपाईओं को भी सख्त निर्देश दिए है, हर व्यक्ति का सत्यापन करें, इसके लिए अभियान भी चलाऐगें।
- सूूमेरसिंह इंदा, थानाधिकारी रीको आबूरोड।
Published on:
25 Dec 2018 10:04 am
