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VIDEO करगिल युद्ध व मुंबई ताज होटल हमले में आतंककारियों से लोहा लेने वाले एनएसजी कमांडो रामेश्वर श्योराण की जुबानी…

युवाओं से देश सेवा में आगे आने का आह्वान - कमांडो रामेश्वर श्योराण का शिवगंज में स्वागत
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शिवगंज से सुरेन्द्र खण्डेलवाल की रिपोर्ट....

शिवगंज. करगिल युद्ध व मुंबई ताज होटल हमले में आतंककारियों से लोहा लेने वाले एनएसजी कमांडो रामेश्वर श्योराण सोमवार सुबह 11 बजे शिवगंज पहुंचे। यहां आर्य समाज भवन प्रांगण में आर्यवीर दल के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों व नगरपालिका अध्यक्ष कंचन सोलंकी ने कमांडो श्योराण व उनके साथ आए कोच कमांडो अकादमी रोहतक के टीनू गुरा को गदा भेंट कर सम्मान किया। श्योराण ने कहा कि शहीदों के बलिदान के कारण ही हम आज चैन से जी रहे हैं। हमें शहीदों को याद रखना जरूरी है तथा अपना योगदान देश सेवा में देने की जरूरत है। युवाओं को देश सेवा में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने मुंबई के ताज होटल में आतंककारियों से निपटने के अनुभव साझा किए। इस मौके पर आर्य समाज के हरदेव आर्य, प्रधान मदनलाल आर्य, राजू भाई सोलंकी, पार्षद लक्ष्मण परिहार, छोगाराम भाटी, गुणवंत माली, पुरुषोत्तम आर्य, जीवाराम आर्य, कल्पेश आर्य, बनवारीलाल अग्रवाल, जितेन्द्रसिंह, सुरेश मित्तल, सेसाराम, हरीश सोनी, अशोक सोलंकी, देवीलाल सैन, सुरेश सुथार, ओम प्रकाश, संजय पालीवाल, महावीरसिंह, शालिनी त्रिवेदी, रिंकू कु मारी आदि मौजूद थे।

नथिंग इज इम्पॉसिबल
हरियाणा के नारनौल निवासी जांबाज कमांडो श्योराण ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि बचपन से ही देश व समाज के लिए लडऩे के बारे में सोचा। गंदी राजनीति मिटाने, नेताओं की गुलामी नहीं करने, क्रान्तिकारी व शहीदों को आदर्श मानने, समाज व युवाओं पर अत्याचार मिटाने और न्याय दिलाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। अब तक सैकड़ों स्थानों पर जाकर युवाओं को प्रेरणा दे चुके हंै। उनका एक ही मूलमंत्र है- नथिंग इज इम्पॉसिबल। एक सवाल के जवाब में कहा कि उनके प्रेरणा स्रोत आचार्य दीक्षेन्द्र आर्य हैं जो विद्वान और वेदों के ज्ञाता हैं।