
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार: फोटो पत्रिका
Sirohi Road Accident : पिंडवाड़ा (सिरोही)। सिरोही जिले में सड़क हादसे लगातार लोगों की जान ले रहे हैं। कांडला हाईवे पर ट्रेलर की टक्कर से बाइक सवार तीन युवकों की मौत की घटना को अभी 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि शुक्रवार तड़के पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र में एक और भीषण हादसा हो गया। कोजरा तिराहा और चवरली के बीच फोरलेन हाईवे पर अज्ञात वाहन ने कार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे कार सवार दो युवकों की मौत हो गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक उसमें फंस गए, जिससे मौत हो गई। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को अस्पताल पहुंचाकर मामले की जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार जोधपुर निवासी आकाश कुमार विश्नोई (28) पुत्र मोहनलाल और मोगरा, जोधपुर निवासी जितेंद्र कुमार देवासी (30) पुत्र केवलाराम गुरुवार रात 11:30 बजे कार से जोधपुर से अहमदाबाद किसी कार्य के लिए जा रहे थे। शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे पिंडवाड़ा में कोजरा चौराहे के आगे चवरली गांव के पास मोड़ पर उनकी कार को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक उसमें फंस गए। वहां से गुजर रहे वाहन चालकों ने दुर्घटना देखकर पुलिस और 108 एंबुलेंस को सूचना दी।
हेड कांस्टेबल मोहनलाल सियाग मय जाप्ता मौके पर पहुंचे। लोगों की मदद से कार में फंसे दोनों युवकों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक आकाश कुमार दम तोड़ चुका था। पुलिस ने शव को पिंडवाड़ा सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया और घायल जितेंद्र देवासी को उपचार के लिए भर्ती कराया। चिकित्सक ने गंभीर हालत में घायल होने पर सिरोही ट्रोमा सेंटर रेफर किया। वहां से उदयपुर रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने घटना की जानकारी मृतकों के परिजनों को दी। परिजनों के पिंडवाड़ा पहुंचने पर माहौल गमगीन हो गया।
मृतक आकाश के चचेरे भाई पप्पाराम ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दी। पुलिस ने आकाश का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा दिया। दूसरे मृतक जितेंद्र देवासी का पोस्टमार्टम करवाने के लिए एएसआई जगदीश मीणा उदयपुर चिकित्सालय पहुंचे, जहां कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
परिजनों ने बताया कि आकाश कुमार विश्नोई गरीब परिवार से था और वही घर का एकमात्र सहारा था। उसके वृद्ध पिता हैं तथा परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। आकाश की चार छोटी बेटियां हैं। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
Updated on:
22 May 2026 09:10 pm
Published on:
22 May 2026 07:46 pm
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