
माउंट में कांच की बोतलों में पेय पदार्थों की बिक्री पर लगाएंगे रोक
माउंट आबू. कांच की बोतलों में अब पेय पदार्थों की बिक्री नहीं की जा सकेगी। इस पर रोकथाम को लेकर प्रशासन की ओर से कवायद शुरू की गई है। एसडीएम डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने कहा कि कचरा निष्पादन को जनजागृति की जरूरत है। वहीं इको सेंसटिव जोन के प्रावधानों की पालना जरूरी है। उन्होंने बताया कि नक्की झील से लेकर विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर कांच की बोतलों में आने वाली बीयर व अन्य पेय पदार्थों का उपयोग कर झील में फेंक देते हैं या फिर सड़कों से लेकर सार्वजनिक स्थानों व वन्यक्षेत्रों में फेंकने से कांच टूटकर जगह-जगह बिखर जाता है। जो मानवीय अस्तित्व समेत वन्य व पालतू पशुओं के लिए हानिकारक, पर्यावरण के लिए नुकसानदायी भी होता है। ऐसे में ईएसजेड प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए कांच की बोतलों में विक्रय होने वाले बीयर से लेकर अन्य तरल पदार्थों को डिब्बों में ही बिक्री करने को लेकर पाबंद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि पर्यावरण सरंक्षण, स्वच्छता बनाए रखने को कचरे को तीन श्रेणियों में विभाजित करें। उन्होंने कहा कि नक्की झील के अंदर व उसके इर्द-गिर्द बाहरी परिक्षेत्रों में एकत्रित विशेषकर कांच की बोतलें व कांच के टुकड़ों को एकत्रित कर निस्तारित करने का कार्य किया जा रहा है।
नक्की झील से निकाला कचरा
लायंस क्लब अध्यक्ष सुनील आचार्य के अुनसार नक्की झील के अंदर से कचरा निकालने को शनिवार को लोगों ने श्रमदान किया। जिसके तहत झील के चारों ओर परिक्रमा पथ व उसके आस-पास फेंके गए प्लास्टिक कचरे, पानी की खाली बोतलें, पॉलीथिन बैग, आवाह क्षेत्रों से झील में आने वाले कचरे को बाहर निकाला। इस मौके जगदीश कल्याणा, बाबूलाल धानत, अनिल कुमार, संजय गोकले, सुनील बैरवाल आदि लोगों ने श्रमदान किया।
Updated on:
05 Apr 2019 08:39 pm
Published on:
05 Apr 2019 08:39 pm
