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आबूरोड. समाज की तरक्की केवल भौतिक साधनों से नहीं बल्कि संस्कार पूर्ण विकास ही सम्पूर्ण विकास है। आज लोगों में तेजी से मूल्यों का पतन हो रहा है। ऐसे में जरूरी है कि पारिवारिक संरचना को बनाये रखने के लिए मूल्यों को समुचित स्थान दिया जाए। यह बात यूपी सरकार के ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्यमंत्री महेन्द्र सिंह ने तलहटी स्थित शांतिवन में गुरुवार को कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहीं। उन्होंने शास्त्रों के अनुसार युगों का वर्णन करते हुए संस्था की ८१ वर्ष पूरे होने कि गणना महीना, सप्ताह, दिन, घंटों, मिनट तथा सेकेंड में करके अचंभित कर दिया। उन्होंने कहा कि ये परमात्मापिता का घर मेरा अपना घर प्रतीत होता है। जहां मुझे कुछ भी अपने दिल कि उदगार व्यक्त करने का खुली छुट मिली है। राजनीति में मुझे इस तरह खुल कर बोलने की आजादी नहीं होती। मैं यहां के शांत वातावरण से इतना प्रभावित हंू कि मैं बार-बार आना चाहुंगा। कानपुर विधायक भगवती प्रसाद सागर ने कहा कि जहां तनाव डिप्रेशन की वजह से समाज में आत्महत्या का घटना बढ़ता है। शारीरिक बीमारी के साथ मानसिक बीमारी भी समाज को घेर लिया है। उच्च शिक्षित लोगों की आत्महत्या जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे बचने के लिए एक मात्र उपाय है। कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय ने स्वागत करते हुए राजयोग सीखने की अपील की। उन्होंने गॉडलीवुड स्टूडियो में एक मुलाकात कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। सौर उर्जा प्लांट, रसोईघर तथा डायमंड हॉल देखकर अभिभूत हए। इसके बाद उन्होंने दादी जानकी से भी मुलाकात की।
शिक्षक चुनावी ड्यूटी पर कैसे होगी परीक्षा
आबूरोड. विधानसभा चुनावों में शिक्षकों की ड्यूटी के चलते बच्चों की अद्र्धवार्षिक परीक्षा पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ेगा। स्कूली शिक्षक अपना पूरा समय चुनाव तैयारियों में दे रहे है। ऐसे में अद्र्धवार्षिक परीक्षा का पाठ्यक्रम पूरा होना असंभव है। विद्यार्थी अपने स्तर पर कितन प्रतिशत कोर्स पूरा कर पाते है। इसी पर विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम निर्भर करेगा।
जानकारी के अनुसार महिला शिक्षकों को छोड़कर जिले के सभी अधिकारी व शिक्षक चुनावी तैयारियों में लगे हुए है। जिता स्तर पर ट्रेनिंग, सोशल मीडिया ऑपरेटर, स्वीप योजना एवं कंट्रोल रूम के अलावा बीएलओं के लिए शिक्षक काम कर रहे है। परीक्षा की तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण समय में चुनावों का होना विद्यार्थियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
नहीं हुआ पूरा कोर्स
अद्र्धवार्षिक परीक्षा तक विद्यार्थियें का ६५ प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा करना अनिवार्य है। लेकिन चुनाव की तैयारियों के चलते ५० प्रतिशत भी पाठ्यक्रम पूरा नही हुआ है। सोमवार से चुनाव के नामांकन पेश करने का समय भी शुरु हो गया है। सात दिसम्बर को मतदान तथा ११ को गणना व परिणाम जारी होगा। इस बीच पढ़ाई का समय मिलना मुश्किल होगा।
Published on:
16 Nov 2018 10:08 am
