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मुख्यमंत्री के आगमन पर सरजावाव दरवाजा क्यों बना छावनी

मुख्यमंत्री के आने से पहले जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार सुबह हल्ला बोल प्रदर्शन किया। वसुंधरा भगाओ राजस्थान बचाओ पदयात्रा की अनुमति नहीं मिलने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष जीवाराम आर्य और पूर्व विधायक संयम लोढा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सारणेश्वर में धरने पर बैठ गए। सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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SIROHI

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सिरोही. मुख्यमंत्री के आने से पहले जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार सुबह हल्ला बोल प्रदर्शन किया। वसुंधरा भगाओ राजस्थान बचाओ पदयात्रा की अनुमति नहीं मिलने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष जीवाराम आर्य और पूर्व विधायक संयम लोढा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सारणेश्वर में धरने पर बैठ गए। सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस, आरपीएफ के जवान बड़ी संख्या में तैनात रहे। सारणेश्वर और सरजावाव दरवाजे पर छावनी सा नजारा रहा। एक बारगी तो जीवाराम को पुलिस जीप में बैठाने के प्रयास के दौरान माहौल बिगडऩे की स्थिति उत्पन्न हुई। गर्मा-गर्मी तक हो गई पर समझाइश से जल्द की कार्यकर्ता शांत हो गए। इस बीच, जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल और पुलिस अधीक्षक जय यादव मौके पर आए। उन्होंने संयम लोढा से चर्चा की। लोढा के कानून व्यवस्था नहीं बिगडऩे देने का वादा करने पर पदयात्रा की अनुमति दी गई। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की इजाजत फिर भी नहीं मिली। इसके बाद सारणेश्वर मंदिर से सरजावाव गेट तक पदयात्रा निकाली गई। सरजावाव गेट पर आमसभा हुई।
पूर्व विधायक लोढा ने कहा कि मुख्यमंत्री के सिरोही जिले के दौरे को आम जनता ने नकार दिया है। सरकारी अधिकारियों के जरिए भीड़ एकत्र की गई। सरपंचों एवं ग्राम सेवकों ने बताया कि शिवगंज के विकास अधिकारी ने कहा कि मनरेगा कार्य का अवकाश है और इतनेे मजदूर मुख्यमंत्री की सभा में भेजने हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता के आगे प्रशासन घुटने के बल रेंगना अत्यन्त चिन्ता का विषय है। मुख्यमंत्री ने सिरोही जिले के लिए ऐसा कोई कार्य नहीं किया है जिससे लोग उन्हें सुनने के लिए आएं।
जीवाराम आर्य ने आरोप लगाया कि भाजपा झूठों की पार्टी है। अगर सरकार सही में किसानों का कर्ज माफ करना चाहती है तो ५८५ करोड़ माफ करे। उन्होंने कहा कि जिले में सरकारी स्तर पर भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है।
प्रदेश कांग्रेस सचिव राजेन्द्र सांखला, पूर्व सांसद पारसाराम मेघवाल, पूर्व जिला प्रमुख अनिता बाकोलिया, प्रदेश कांग्रेस सदस्य संध्या चौधरी, लकमाराम कोली, पूर्व प्रधान मोतीराम कोली, सरपंच संघ आबूरोड अध्यक्ष ललिता गरासिया, सेवा दल के जिला मुख्य संगठक भूराराम कोली, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष हेमलता शर्मा, शिवगंज नगर अध्यक्ष जूली चौहान, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सुरेश राव, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दशरथ नरूका, जिला महामंत्री हमीद कुरैशी, एसटी जिला अध्यक्ष निम्बाराम गरासिया, इंटक के जिला अध्यक्ष इन्दर सिंह देवड़ा, आईटीसेल के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नटवर सिंह, महेन्द्र कुमार आदि ने विचार व्यक्त किए। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष किशोर पुरोहित, प्रेमाराम देवासी, रसीद खान गौरान, हरीश राठौड़, नारायणसिंह भाटी, पूर्व विधायक गंगा बेन गरासिया, आबूरोड प्रधान लालाराम गरासिया, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष आनंद जोशी, जोगाराम मेघवाल, जामतसिंह बारठ, प्रकाश अग्रवाल, आबूरोड पालिका की नेता प्रतिपक्ष नरगिस कायमखानी आदि मौजूद थे।
रास्तों पर अवरोध, मंच व माइक हटाए
सुबह पुलिस ने सरजावाव दरवाजे के बाहर कांग्रेस का मंच और माइक हटवा दिए। पुलिस अपने साथ लाए ट्रक में सामान भर ही रही थी तभी टेंट वाला वहां आकर टेबल आदि ले गया। इसके बाद सारणेश्वर से भी माइक हटवा दिए। प्रात: करीब नौ बजे से सारणेश्वर मंदिर के बाहर पुलिस का लवाजमा पहुंच गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्नालाल मीणा की अगुवाई में जवान मुस्तैद थे। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए सारणेश्वर आने वाले रास्तों पर अवरोध लगा दिए थे। पुलिस ने अतिरिक्त जाप्ता बुलाकर कार्यक्रम को रोकने की भरसक कोशिश की। इसी दौरान पुलिस उप अधीक्षक विक्रमसिंह, कोतवाली थाना अधिकारी आनंद कुमार भी मौजूद थे।