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-आबूरोड. उपखण्ड क्षेत्र में सर्दी की आहट शुरू होने के साथ ही लोगों ने गर्म व ऊनी वस्त्र पहनना शुरू कर दिया है। वहीं रजाई-गद्दे भराई व बुनाई का कार्य भी शुरू हो गया है। शहर के प्रमुख मार्गों पर रजाई भराई-बुनाई एवं रूई धुनाई का काम करते दिखाई देने लगे हैं। ऐसे में अब रजाई-गद्दों से जुड़ी दुकानों पर पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई देने लगी है, लेकिन मंहगाई अधिक होने असर रजाई-गद्दों की भराई बुनाई का काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। इसके चलते मेहनत के मुताबिक पर्याप्त मजदूरी तक नहीं निकल पा रही है। जुबेदा बानो ने बताया कि वह रजाई बुनाई व भराई से जुड़े कारोबार से काफी वर्ष से कार्य कर रहे है। प्रतिवर्ष सर्दी का मौसम शुरू होते ही स्टेशन रोड पर रूई धुनाई की मशीन लगा कार्य किया जाता है, पहले यह कार्य खुब होता था, लेकिन महंगाई तथा फोम के गद्दे व कंबल आने से रजाईयों के काम प्रभावित हुए है।
परिवार के लोग कर रहे सहयोग
आगामी दिनों शादी-समारोह भी शुरू होने वाले हैं। ऐसे में लोग शादी समारोह को देखते हुए अभी से रजाई गद्दे तैयार करवा रहे हैं। वहीं टैण्ट हाउस वाले भी बुकिंग अधिक होने से लॉट में एक साथ ठेका देकर रजाई गद्दे भरवा रहे हैं। रजाई गद्दे भराई व बुनाई में व्यापारी सहित उसके परिवार की महिला एवं बच्चे भी सहयोग कर रहे हैं।
रूई भाव 1१० किलो
रजाई-गद्दों में रुई भुनाई से लेकर तैयार करने तक की मजूदरी 1१0 रुपए है। एक व्यक्ति तीन से चार गद्दे दिनभर में तैयार कर देता है, लेकिन मेहनत के अनुरूप मजदूरी नहीं मिल पा रही है। क्योंकि इसमें रूई की धुनाई व धागा भी शामिल है। मजदूरी नहीं निकलने पर धीरे-धीरे व्यवसाय बढ़ा लिया और रजाई, गददे एवं तकिये की खोलियां भी बेचना शुरू कर दिया।
बैकिंग की जानकारी दी
आबूरोड. राजकीय महाविद्यालय में गुरुवार को युवा विकास केन्द्र की ओर से बैंक प्रणाली पर व्याख्यान रखा गया। युवा विकास केन्द्र प्रभारी इन्दु आसेरी ने बताया कि सेन्ट्रल बैंक के शाखा प्रबन्धक तरूण ओझा ने बैंकिग के इतिहास, बैंकों के राष्ट्रीयकरण व वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए बैंकों के कार्यकलाप, बैंक खाते, जमाओं के विभिन्न रूप क्रेडिट कार्ड, ऋण की जानकारी दी। ओझा ने विद्यार्थियों को कहां कि अपने निर्धारित लक्ष्य को पाने के लिए जुनुन के साथ यदि आगे बढ़ा जाये तो सफलता अवश्य प्राप्त होती है। कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अनीता गुप्ता ने जयशंकर प्रसाद की ''कामायनी'' से छात्रों को जानकारी दी। डॉ.हनुमन्तसिंह चौहान, डॉ.सलकान्त यादव, सुमित कुमार डाबी समेत विद्यार्थी मौजूद रहे।
Published on:
23 Nov 2018 10:14 am
