
sheoganj sirohi
शिवगंज. काम्बेश्वर महादेव रोड स्थित धवली कृषि फार्म पर गुरुवार आधी रात बाद पिस्तौल की गोली चलने से एक युवक की मौत हो गई। मौत के कारणों का अभी तक पूरी तरह से खुलासा नहीं हुआ है। हालांकि, पुलिस प्रथम दृष्ट्या मौत का कारण आत्महत्या मान रही है लेकिन जांच के बाद ही पूरी हकीकत सामने आ पाएगी। बताया जाता है कि कुछ लोग फार्म हाउस पर पार्टी कर रहे थे। वहां नमकीन की थैलियां और प्लास्टिक के गिलास भी मिले हैं। सूचना के बाद पुलिस और उदयपुर से एफएसएल टीम ने मौका-मुआयना किया। वहीं शिवगंज चिकित्सालय में शुक्रवार सवेरे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि मृतक के भाई नरेन्द्र परिहार ने रिपोर्ट दी कि शिवगंज के न्यू नेहरू नगर निवासी कानाराम माली (40) पुत्र सोहनलाल परिहार, उसका दोस्त हंसाराज लौहार और उसका नौकर गुरुवार शाम करीब 6 बजे शिवगंज काम्बेश्वर रोड पर स्थित धवली कृषि फार्म पर गए थे। रात करीब 10 बजे घर वालों ने उनको फोन किया तो उन्होंने किसी काम से चामुण्डेरी गांव जाना बताया। इसके बाद घरवालों की ओर से बार-बार फोन करने पर मोबाइल स्विच ऑफ आया तो परिजनों को चिन्ता सताने लगी। फिर देर रात को दोस्त ने कानाराम के घर पर फोन कर फार्म पर बुलाया। परिजन फार्म हाउस पर पहुंचे तो कानाराम एक कुर्सी पर मृत मिला। उसके पैरों के पास खुद की पिस्तौल पड़ी मिली। पास ही में एक टेबल पर खाली गिलास, नमकीन, पानी और सोडे की बोतल पड़ी दिखी। वहीं फूलाराम शराब के नशे में सोता हुआ मिला। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अचलसिंह जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं उदयुपर से एफएसएल टीम और सिरोही से एमओबी टीम को बुलाया गया और घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई। पुलिस फिलहाल इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। लेकिन पूरी कहानी जांच के बाद ही साफ हो पाएगी। पुलिस ने शुक्रवार सुबह मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पिस्तौल रखने का था शौक
कानाराम की हर किसी के साथ उठक-बैठक भी नहीं थी और हमेशा अपने मजे में मस्त रहता था। खासकर उसे पिस्तौल रखने का शौक था। इसी शौक के कारण उसने लाइसेन्स शुदा पिस्तौल ले रखी थी। बताया जाता है कि यही पिस्तौल उसके मौत का कारण भी बनी।
चार महीने बाद थी बेटी की शादी
जानकार बताते हैंं कि कानाराम बहुत ही शांत स्वभाव का व्यक्ति था। परिवार सम्पन्न होने के कारण उन्हें किसी चीज की कोई कमी नहीं थी। इनके एक बेटा और एक बेटी है। सबसे बड़ी बात यह कि चार महीने बाद ही जनवरी में उनकी बेटी की शादी थी और वह उसकी तैयारियों में लगा हुआ था। टैंट, घोड़ा और कैटर्स तक बुक करा दिए थे।
हत्या या आत्महत्या!
यह हत्या है या आत्महत्या या फिर महज हादसा। इसको लेकर दिनभर शहर में चर्चा रही। पुलिस प्रथम दृष्ट्या इसे आत्महत्या मान रही है लेकिन कुछ जानकार लोगों के जेहन में अलग ही सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह कि कोई व्यक्ति गोली लगने के बाद प्लास्टिक की कुर्सी पर आराम की मुद्रा में कैसे बैठा रह सकता है? क्या शरीर में कोई हलचल नहीं हुई? आमतौर पर प्लास्टिक की कुर्सी तो वजनी व्यक्ति के बैठने मात्र से ही जवाब दे जाती है। फिर यहां ऐसा कुछ नजर नहीं आया। जानकार तो ऐसे उदाहरण तक देते देखे गए कि किसी जानवर के भी अचानक गोली या घाव लगा दिया जाए तो उसका शरीर कुछ सैकण्डों तक हरकत करता रहता है। फिर इस मामले में कुर्सी सही सलामत खड़ी मिली।
इनका कहना है...
कानाराम अपने एक दोस्त और नौकर के साथ कृषि फार्म पर गया था। जहां तीनों ने मिलकर शराब पार्टी की। इसके बाद उसने खुद की कनपटी पर पिस्तौल रखकर गोली मार ली। जिससे उसकी मौत हो गई। प्रारम्भिक तौर पर आत्महत्या का ही मामला लग रहा है। पुलिस टीम ने फिंगर प्रिंट समेत अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। इसके आधार पर जांच की जा रही है।
-विक्रमसिंह, डीएसपी, सिरोही
Updated on:
22 Sept 2018 10:14 am
Published on:
22 Sept 2018 10:14 am
