अवैध शराब बनाते समय हुआ तेज धमाका, आग लगने से 5 बीघे गन्ने की फसल जलकर खाक

मामला इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के परसा गांव का है।

सीतापुर. थाना क्षेत्र में पुलिस के इकबाल को चुनौती देकर अवैध शराब कारोबारी धड़ल्ले से जहरीली शराब का निर्माण करते हैं और खुलेआम गांव में जहरीले जान की तस्करी भी करते हैं। इसका जीता जागता उदाहरण उस वक्त सामने आया जब बीच खेत में अवैध शराब का निर्माण हो रहा था और शराब बनाने के दौरान गैस निकलने वाले उपकरण से अचानक चिंगारी निकली और तेज धमाके के साथ आग लग गई। चिंगारी से निकली आग ने आसपास लगे गन्ने के खेत को जलाकर राख कर दिया। इस बीच अग्निकांड में कारोबार के आसपास 5 बीघे की फसल जलकर राख हो गई। स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाया और मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौकाय वारदात से शराब बनाने के उपकरण और भारी मात्रा में लहन भी बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि कारोबार करने वाले लोगों के बारे में सुराग लगाया जा रहा है जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अवैध शराब बनाते समय धमाका

मामला इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के परसा गांव का है। यहां आज सुबह अचानक गांव के बाहर बीच खेत में आग लग गई। ग्रामीण कुछ समझ पाते तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था। स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक आग से 5 बीघे गन्ने की फसल जलकर नष्ट हो चुकी थी। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक आग बुझने के बाद खेतों के बीचो बीच अवैध शराब बनाने के कुछ उपकरण बरामद हुए हैं। जिससे यह साफ हो गया है कि यहां शराब बनाते समय अचानक आग लगी है और कारोबारी यहां से भाग निकले। घटना की जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के बयान दर्ज कर मौका ए वारदात से शराब बनाने के उपकरण और भठियां बरामद कर भारी मात्रा में लहन भी नष्ट कराया है।

जेल भेजने की कार्रवाई

पुलिस का कहना है कि अवैध शराब कारोबार करने वाले लोगों का सुराग लगाया जा रहा है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पुलिस पिछले कुछ दिनों से अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाए हुए हैं लेकिन फिर भी अवैध शराब कारोबारी पुलिस के इकबाल को चुनौती देकर धड़ल्ले से इस कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण उस वक्त सामने आया जब शराब बनाते समय खेतों में आग लग गई। अगर पुलिस समय रहते इस कारोबार पर आंख गड़ा देती तो शायद किसानों की फसल नष्ट होने से बच सकती थी और कारोबारी भी पुलिस की गिरफ्त में होते।

नितिन श्रीवास्तव
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned