
Sitapur News: सीतापुर जिला कारागार में शुक्रवार को एक बंदी की मौत हो गई। वह तीन साल से जिला जेल में बंद था। गैंगरेप के एक केस में उसे जेल भेजा गया था। बंदी की मौत से कारागार के अन्य कैदी नाराज हो गए। जेल अधीक्षक सुरेश सिंह के मुताबिक शुक्रवार की सुबह कैदी के पेट में दर्द उठा, जिसे इलाज के लिए जेल के अस्पताल ले जाया गया और उसे दवा दी गई, लेकिन उसकी मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर का रहने वाला बबलू तीन साल से सीतापुर जिला जेल में बंद था। जेल अधीक्षक सुरेश सिंह ने बताया कि शुक्रवार की सुबह बबलू के पेट में दर्द उठा, उसे इलाज के लिए जेल अस्पताल ले जाया गया और उसे दवा दी गई, लेकिन उसे कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद उसे जिला अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया और उसकी मौत हो गई। जहां शुक्रवार को इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई।
बंदी की मौत से नाराज जेल के अन्य बंदियों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए खाना खाने से मना कर दिया। साथ ही जिला जज, डीएम और एसपी को जेल में बुलाने की जिद पर अड़ गए। कैदियों को मनाने के लिए पहले जेल प्रशासन फिर एसडीएम सदर गौरव रंजन श्रीवास्तव और सीओ सिटी सुशील कुमार सिंह पहुंचे। लेकिन कैदियों ने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद एडीएम राम भरत तिवारी, एएसपी एनपी सिंह सीतापुर जिला कारागार पहुंचे। इसके बाद रात करीब डेढ़ बजे कैदी शांत हो गए।
परिजनों ने लगाया ये आरोप
परिजनों ने जिला जेल के प्रशासन पर मारपीट का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि जेल में कोई डॉक्टर नहीं है जबकि जेल के अंदर करीब 2000 कैदी बंद हैं। इनका इलाज फार्मासिस्ट करता है। इसको लेकर कैदी नाराज हैं। जेल से बाहर निकले अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी एनपी सिंह ने बताया "साथी कैदी की मौत से दुखी कुछ कैदियों ने खाना नहीं खाया था, लेकिन अब सभी कैदी खाना खाएंगे। फार्मासिस्ट को हटाकर जेल में डॉक्टर को तैनात किया जाएगा। कैदी की हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।"
Updated on:
15 Apr 2023 10:29 pm
Published on:
15 Apr 2023 10:28 pm
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