पंचायत चुनाव से पहले अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो अभियुक्त गिरफ्तार

- पुलिस ने भारी मात्रा में असलहे और कारतूस किया बरामद।

सीतापुर. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस ने अवैध शस्त्रों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। इसी कड़ी में आज सीतापुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सूचना के आधार पर एक खेत में छापा मारकर अवैध शस्त्र फैक्ट्री चलाने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक इन गिरफ्तार अभियुक्तों के पास आधा दर्जन से अधिक निर्मित और अर्ध निर्मित अवैध असलहे बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है छापेमारी के दौरान मौका ए वारदात से अवैध शस्त्र बनाने के उपकरण भी बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है इन अभियुक्तों के पास है एक बाइक भी बरामद हुई है। यह अभियुक्त इस बाइक का प्रयोग अवैध शस्त्रों की तस्करी के लिए भी करते थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की है और यह लगातार अभियान जारी है।

पुलिस ने की कार्रवाई

मामला नैमिषारण्य कोतवाली क्षेत्र के ग्राम औरंगाबाद इलाके का है। मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस को मुखबिर खास के जरिए सूचना प्राप्त हुई की औरंगाबाद नदी के निकट कुछ तस्कर अवैध शस्त्रों की फैक्ट्री बनाकर शस्त्रों का निर्माण करते हैं, और पंचायत चुनाव में बाधा उत्पन्न करने के लिए इन अवैध शस्त्रों की तस्करी भी करते हैं। पुलिस ने इसी सूचना के आधार पर नदी के निकट खेत में छापा मारकर अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने खेत से एक बाइक सहित दो अभियुक्तों को मौका ए वारदात से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान आधा दर्जन से अधिक निर्मित और अर्ध निर्मित अवैध तमंचा बरामद किए हैं।

भारी मात्रा में असलहे और कारतूस बरामद

पुलिस का कहना है कि इस छापेमारी के दौरान मौके से कुछ जिंदा कारतूस और अवैध शस्त्र बनाने के उपकरण और लोहे की नाल भी बरामद हुई है। पुलिस का यह भी कहना है यह अभियुक्त बाइक के जरिए असलहों की तस्करी भी करते थे और इनकी गिरफ्तारी से अवैध शस्त्रों के खेल का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इन दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हैं और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में भी जुट गई है। पुलिस का कहना है कि पंचायत चुनाव से पहले अवैध शस्त्रों का प्रयोग करने वाले लोगों को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और शस्त्रों का निर्माण करने वालों को भी जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है।

नितिन श्रीवास्तव
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