
PAC Jawan Killed फोटो सोर्स :Social Media/X
UP Shock: सीतापुर जिले के केंद्रीय रिजर्व भंडार गृह (सीआर) से शनिवार सुबह एक सनसनीखेज खबर आई जिसने पूरे जिले को सकते में डाल दिया। यहां ड्यूटी पर तैनात पीएसी के जवान हिमांशु (2021 बैच) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी इंसास राइफल से अचानक लगातार तीन गोलियां चलीं और वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद साथी जवानों ने आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हिमांशु पुत्र शिवराज सिंह, ग्राम ईश्वरदेव, जनपद अमरोहा के निवासी थे। वे मुरादाबाद की 24वीं बटालियन के जी दल में तैनात थे और सीतापुर में दो माह की अस्थायी ड्यूटी पर आए थे। मात्र 2021 बैच में भर्ती होने के बाद यह उनकी शुरुआती पोस्टिंग्स में से एक थी। उनकी मौत की खबर सुनते ही गांव और परिवार में कोहराम मच गया, वहीं विभागीय साथियों में भी गहरा शोक व्याप्त है।
मृतक जवान के कान में मोबाइल के इयरबड्स लगे पाए गए, जिसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोली चलने के समय हिमांशु टावर ड्यूटी पर थे। अचानक उनकी इंसास रायफल से एक के बाद एक तीन गोलियां चलीं। यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह लापरवाही से हुई दुर्घटना थी या जानबूझकर की गई आत्महत्या।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल और पीएसी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसे महज हादसा भी नहीं नकारा जा सकता। मामले की सटीक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही सामने आएगी। पुलिस और पीएसी की संयुक्त टीम हर एंगल से जांच कर रही है।
हिमांशु की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम पसर गया। पिता शिवराज सिंह ने गहरे दुख के बीच कहा कि उनका बेटा हमेशा खुशमिजाज और जिम्मेदार था, उसे लेकर कभी कोई शिकायत नहीं मिली। गाँव ईश्वरदेव में भी शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोग बताते हैं कि हिमांशु हमेशा मददगार स्वभाव के थे और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कड़ी मेहनत करते थे।
हिमांशु के साथी जवानों के मुताबिक, ड्यूटी के दौरान उनका व्यवहार सामान्य था और उन्होंने किसी तनाव या परेशानी की बात नहीं की। ऐसे में उनकी अचानक मौत ने सभी को सकते में डाल दिया है। कई साथी जवानों ने कहा कि यह घटना सभी के लिए चेतावनी है कि ड्यूटी के दौरान सतर्कता और मानसिक स्वास्थ्य दोनों बेहद जरूरी हैं।
अधिकारियों ने बताया कि घटना के समय हिमांशु के मोबाइल इयरबड्स में क्या चल रहा था, इसका पता लगाने के लिए फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। इसके अलावा उनकी ड्यूटी लॉगबुक, हथियार की तकनीकी जांच और मौके पर मौजूद अन्य जवानों के बयान भी लिए जा रहे हैं। इस बात की भी जांच हो रही है कि इंसास राइफल से एक साथ तीन गोलियां कैसे चलीं ,क्या यह तकनीकी खराबी थी या जानबूझकर ट्रिगर दबाया गया।
घटना के बाद सुरक्षा बलों में जवानों के मानसिक स्वास्थ्य पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। ड्यूटी के दौरान अत्यधिक तनाव, घर से दूर रहना और लंबी शिफ्ट जैसे कारण कई बार जवानों के मानसिक संतुलन पर असर डालते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि समय-समय पर जवानों की काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य की जाँच अनिवार्य की जानी चाहिए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल मामले को संदिग्ध मौत के रूप में दर्ज किया गया है। पीएसी के उच्चाधिकारी और पुलिस विभाग की टीमें संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। जवान की मौत के बाद उनके परिवार के लिए विभाग की ओर से आर्थिक मदद और अन्य लाभ देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग ने आश्वासन दिया है कि परिवार को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
Updated on:
18 Aug 2025 03:08 pm
Published on:
16 Aug 2025 01:40 pm
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