
मृतका की फाइल फोटो और रोते बिलखते परिजन
Bihar News: बिहार के सीवान जिले में कृषि विभाग की एक युवा महिला अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। 26 वर्षीय अधिकारी सृष्टि कुमारी का शव नगर थाना क्षेत्र के सिसवन ढाला इलाके में स्थित लक्ष्मीपुर मोहल्ले के एक किराए के मकान में फंदे से लटका हुआ मिला। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सृष्टि कुमारी हसनपुरा ब्लॉक में प्रखंड कृषि अधिकारी के कार्यालय में सहायक तकनीकी प्रबंधक के पद पर कार्यरत थीं।
यह घटना मंगलवार की है। जब परिवार के लोग सृष्टि से संपर्क नहीं कर पाए, तो उन्होंने मकान मालिक को इसकी सूचना दी। जब मकान मालिक और पड़ोसियों ने उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया और उसे हल्का सा धक्का दिया, तो दरवाजा आसानी से खुल गया। अंदर का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया। सृष्टि का शव फंदे से लटका हुआ था, लेकिन उसके पैर जमीन को छू रहे थे। तुरंत पुलिस को इस बात की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी।
पुलिस को सृष्टि के बिस्तर पर एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था, 'मैं चाहती नहीं थी, पर मैं चीजें हैंडल नहीं कर पाई। मुझे माफ कर देना मम्मी, मैंने आपको बहुत दुख दिया है।' हालांकि, जब पुलिस ने इस नोट पर लिखी लिखावट की तुलना सृष्टि के ऑफिस के सरकारी दस्तावेजों में मौजूद हैंडराइटिंग से की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। शुरुआती जांच में हैंडराइटिंग मैच नहीं हुई।
मृतका के भाई आशुतोष ने आरोप लगाया कि सृष्टि UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थी और वह एक बेहद शांत स्वभाव और समझदार युवती थी। सुसाइड नोट में लिखी अजीब और बड़े-बड़े अक्षरों वाली लिखावट का सृष्टि की असली लिखावट से दूर-दूर तक कोई मेल नहीं है। इस बात ने इन अटकलों को और हवा दे दी है कि क्या यह नोट किसी और ने लिखा है या सृष्टि से दबाव में लिखवाया गया है?
सृष्टि वैशाली जिले के हाजीपुर (मदरपुर) की रहने वाली थी और मार्च 2023 से हसनपुरा ब्लॉक में तैनात थी। वह शनिवार को अपने घर गई थी और सोमवार को मौर्य एक्सप्रेस से सिवान लौट आई थी। उसके भाई आशुतोष ने बताया कि सोमवार रात करीब 9 बजे उसने सृष्टि से बात की थी, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। मंगलवार को जब वह अपने दफ्तर नहीं पहुंची और कई बार फोन करने पर भी उसने जवाब नहीं दिया, तो कुछ अनहोनी की आशंका हुई। इस बात की जानकारी मकान मालिक को दी गयो तो उन्होंने कमरा चेक किया और इस घटना का पता चला।
सृष्टि के पिता का पिछले अगस्त में ही निधन हो गया था। पिता के गुजर जाने के बाद, सृष्टि ही परिवार का मुख्य सहारा बन गई थी। सदर अस्पताल में सृष्टि की मां गहरे सदमे और दुख में डूबी हुई है। वह बार-बार बेहोश हो रही थी और इस उम्मीद से कि शायद उसकी बेटी अभी भी जिंदा हो, वह बार-बार मिन्नतें कर रही थी कि उसे खाटू श्याम ले जाया जाए ताकि कोई चमत्कार हो सके और वह ठीक हो जाए।
नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना से FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की एक टीम बुलाई गई है। टीम ने घटनास्थल से मोबाइल फोन, एक सुसाइड नोट और अन्य फोरेंसिक सबूत इकट्ठा किए हैं। पुलिस अधिकारी ने साफ किया कि यह आत्महत्या का मामला है या इसमें कोई आपराधिक साजिश शामिल है, यह बात तभी साफ हो पाएगी जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाएगी और विशेषज्ञों द्वारा हैंडराइटिंग की जांच पूरी हो जाएगी।
Updated on:
08 Apr 2026 07:13 am
Published on:
08 Apr 2026 07:13 am
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