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Bisalpur Dam Water Level: जाते-जाते मानसून ने बीसलपुर को दी मामूली राहत, बांध का गेज 2 सेंटीमीटर बढ़ा

Bisalpur Dam Update Today: कैचमेंट एरिया में बारिश का असर, जलभराव 28.633 टीएमसी पहुंचा; कई दिनों से लगातार घट रहा था जलस्तर
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जयपुर

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Rajesh Dixit

Sep 18, 2026

Bisalpur-Dam

बीसलपुर बांध। फोटो: पत्रिका

Bisalpur Dam: जयपुर. मानसून की विदाई से पहले बीसलपुर बांध को एक बार फिर मामूली राहत मिली है। बारिश के अभाव में पिछले कई दिनों से लगातार घट रहे बांध के जलस्तर में गुरुवार को दो सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया में हुई बारिश का असर बांध के गेज पर दिखाई दिया। हालांकि, जलस्तर में हुई यह बढ़ोतरी मामूली है, लेकिन लगातार गिरते जलस्तर के बीच इसे राहत के रूप में देखा जा रहा है।

बीसलपुर बांध परियोजना के अनुसार गुरुवार सुबह 6 बजे बांध का गेज 314.03 आरएल मीटर दर्ज किया गया था। इस समय बांध में करीब 28.495 टीएमसी पानी का जलभराव था। इसके बाद दिनभर कैचमेंट क्षेत्र में हुई बारिश के चलते बांध में पानी की आवक बनी रही। रात 8 बजे तक बांध का गेज दो सेंटीमीटर बढ़कर 314.05 आरएल मीटर पहुंच गया। इसी के साथ बांध में जलभराव भी बढ़कर करीब 28.633 टीएमसी हो गया।

त्रिवेणी संगम के गेज में बढ़ोतरी नहीं

बीसलपुर बांध परियोजना के कनिष्ठ अभियंता उमेश मेहरा ने बताया कि पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण बांध का गेज लगातार नीचे जा रहा था। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जाते-जाते मानसून सक्रिय हुआ और बांध के स्थानीय कैचमेंट क्षेत्र में बारिश हुई। इसका सीधा असर बांध के जलस्तर पर पड़ा है।

उन्होंने बताया कि बीसलपुर बांध के प्रमुख कैचमेंट क्षेत्र में आने वाले भीलवाड़ा जिले के बिगोद स्थित त्रिवेणी संगम के गेज में फिलहाल किसी तरह की बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई है। ऐसे में बीसलपुर के जलस्तर में हुई दो सेंटीमीटर की वृद्धि को स्थानीय कैचमेंट क्षेत्र में हुई बारिश का ही परिणाम माना जा रहा है।

राहत के साथ निगाह आगे की बारिश पर

बीसलपुर बांध से जयपुर, अजमेर और टोंक सहित कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति होती है। ऐसे में बांध के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी भी जल प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हालांकि दो सेंटीमीटर की वृद्धि से बांध की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। अब आने वाले दिनों में कैचमेंट क्षेत्र में होने वाली बारिश और पानी की आवक पर नजर रहेगी। मानसून की विदाई के साथ यदि बारिश का दौर थमता है तो बांध के जलस्तर में फिर गिरावट शुरू होने की संभावना रहेगी।

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