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Farmer Empowerment: कोटपूतली-बहरोड़. जिले के किसानों के लिए राहतभरी खबर है कि अब उन्हें अपनी मेहनत की फसल के खराब होने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। उद्यान विभाग ने किसानों की आय बढ़ाने और कटाई के बाद होने वाले नुकसान को रोकने के लिए कई आकर्षक योजनाएं शुरू की हैं। विभाग की पहल से अब जिले के किसान अपने खेतों में ही फल-सब्जियों की प्रोसेसिंग, पैकिंग और कोल्ड स्टोरेज यूनिट स्थापित कर सकेंगे।
उप निदेशक उद्यान लीलाराम जाट ने बताया कि जिले में कोल्ड चेन और प्रोसेसिंग सुविधाओं की कमी के कारण हर साल करीब 15 से 25 प्रतिशत फल-सब्जियां खराब हो जाती हैं जिससे किसानों को अपने उत्पाद का मूल्य 30 प्रतिशत तक कम मिलता है। इन नुकसानों को रोकने के लिए विभाग की ओर से राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत किसानों और उद्यमियों को 35 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है।
फार्म गेट पैक हाउस: अधिकतम 25 लाख रुपए की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान, खेत में पैकिंग कर विदेशी बाजारों तक निर्यात की सुविधा।
कोल्ड स्टोरेज: 4.8 करोड़ रुपए तक की लागत पर 35 प्रतिशत अनुदान, 5 हजार एमटी क्षमता तक स्टॉक की सुविधा।
कोल्ड रूम: 52 लाख रुपए तक की लागत पर 35 प्रतिशत अनुदान, सब्जियों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था।
35 प्रतिशत तक का अनुदान: इंटीग्रेटेड पैक हाउस, प्राइमरी व सैकंडरी प्रोसेसिंग यूनिट, फुट राइपनिंग चैंबर तथा वातानुकूलित वाहन पर भी 35 प्रतिशत तक का अनुदान उपलब्ध है।
किसान इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए उद्यान विभाग कार्यालय में आवेदन करें। आवेदन स्वीकृति के बाद विभाग की ओर से मुख्यालय से अनुदान स्वीकृति जारी की जाएगी।
लीलाराम जाट, उप निदेशक उद्यान, कोटपूतली-बहरोड़
Updated on:
05 Nov 2025 03:56 pm
Published on:
05 Nov 2025 03:56 pm
