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Good News” 10,00,000 से अधिक व्यापारियों के लिए खुशखबरी, सरकार देगी 2 करोड़ तक ऋण और ब्याज में राहत

Interest subsidy scheme: ऑनलाइन आवेदन शुरू। राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी 2025 लागू। रिटेल सेक्टर को बढ़ावा: 10.5 लाख व्यापारियों के लिए नई नीति का बड़ा मौका।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Apr 15, 2026

Rajasthan Trade Promotion Policy 2025: जयपुर. राजस्थान सरकार ने प्रदेश के व्यापारिक क्षेत्र को नई गति देने के लिए राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी-2025 के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस नीति का उद्देश्य छोटे और मध्यम व्यापारियों को वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर उनके व्यवसाय को सशक्त बनाना है।

इंश्योरेंस प्रीमियम पर 50 प्रतिशत तक सहायता भी

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि व्यापारी अपनी एसएसओ आईडी या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत खुदरा व्यापारियों को 2 करोड़ रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिस पर राज्य सरकार द्वारा 6 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान दिया जाएगा। साथ ही, इंश्योरेंस प्रीमियम पर 50 प्रतिशत तक सहायता भी प्रदान की जाएगी।

यह नीति विशेष रूप से राज्य के 10.5 लाख से अधिक खुदरा व्यापारियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य छोटे व्यापारियों को बड़े ट्रेड, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के समान अवसर देना है, जिससे प्रदेश में निवेश और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

इस तरह मिलेगा ब्याज अनुदान

नीति के तहत नए सूक्ष्म व्यापारिक उद्यमों को 1 करोड़ रुपए तक के ऋण पर 6 प्रतिशत और 1 से 2 करोड़ रुपए तक के ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा। महिला, एससी, एसटी और दिव्यांग व्यापारियों को अतिरिक्त 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ दिया जाएगा।

इसके अलावा, सीजीटीएमएसई योजना के अंतर्गत 5 करोड़ रुपए तक के ऋण पर गारंटी फीस का 50 प्रतिशत पुनर्भरण पांच वर्षों तक किया जाएगा। सूक्ष्म उद्यमों को पांच साल तक इंश्योरेंस प्रीमियम पर अधिकतम 1 लाख रुपए प्रति वर्ष की सहायता दी जाएगी।

डिजिटल बाजार से जुड़ने और अपने व्यवसाय का विस्तार करने में मदद

ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार एक वर्ष तक प्लेटफॉर्म फीस का 75 प्रतिशत (अधिकतम 50 हजार रुपए) तक वहन करेगी। इस पहल से व्यापारियों को डिजिटल बाजार से जुड़ने और अपने व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिलेगी।

सरकार का मानना है कि यह नीति प्रदेश के व्यापारिक ढांचे को मजबूत करेगी और छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।