
Due to negligence of officers, 140 farmers did not get 'rin mafi'
ग्वालियर। जय किसान फसल ऋण माफी योजना में ऐसे किसानों को भी माफी प्रमाण पत्र दिए गए हैं,जो पूर्व में ही अपना ऋण जमा करवा चुके हैं। सबलगढ़ तहसील के रामपुरकलां से एक ऐसे ही किसान मंगलवार को कलेक्टर के समक्ष जन सुनवाई में पहुंचे और अपनी बात बताई। कलेक्टर ने जांच और उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है। रामपुरकलां में ग्राम रुनधान-जागीर निवासी किसान जंडेल सिंह पुत्र रतनलाल रावत ने वर्ष 2012 में सेवा सहकारी संस्था रामपुरकलां से 29 हजार 900 रुपए का ऋण लिया था। इसे छह मार्च 2013 को 30 हजार रुपए की राशि जमा करके चुका भी दिया।
ऋण राशि चुकाने की रसीद क्रमांक 49629 भी सेवा सहकारी संस्था रामपुरकलां से प्राप्त कर ली थी। लेकिन फरवरी 2019 में किसान जंडेल सिंह का नाम जय किसान फसल ऋण माफी योजना के लाभान्वितों की सूची में भी शामिल मिला। उसे बुलाकर समारोह पूर्वक इसका प्रमाण-पत्र भी दिया। इसमें 58 हजार 334 रुपए और 49 पैसे को कालातीत ऋण बताकर माफ किया जाना बताया। किसान ने कहा, जब उसने ऋण जमा करवा दिया फिर माफी की सूची में कैसे नाम शामिल हो गया।
किसान ने इसमें सेवा सहकारी संस्था के कर्मचारियों की सांठगांठ और उसके द्वारा जमा कराई गई राशि को खुर्दबुर्द करने की आशंका व्यक्त करते हुए जांच की मांग की गई है। किसान ने कहा,संस्था के प्रबंधक का इसमें षडय़ंत्र है, इसलिए पूरे मामले की गहराई से जांच कराई जाए। दोषी पाए जाने पर समिति प्रबंधक और इसमें लिप्त अन्य लोगों के विरुद्ध भी प्रकरण दर्ज कर उनसे राशि वसूली की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही और भी ऐसे मामलों की जांच कराई जाए।
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Published on:
31 Jul 2019 03:25 pm
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