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जयपुर से गुजर रही थी एमपी नंबर की बस, सवारियां गिनते-गिनते थक गए पुलिसवाले… ड्राईवर के जवाब ने और गुस्सा दिलाया, मुकदमा दर्ज

Jaipur Police Caught MP Number Bus: पुलिस के अनुसार, एमपी नंबर की बस का चालक एमआई रोड से वनस्थली मार्ग की ओर तेज रफ्तार और लापरवाही से बस चला रहा था। बस की छत पर लगभग 50 से 55 सवारियां बैठी हुई थीं, जबकि अंदर की सीटों के ऊपर की गैलरी और बर्थ पर करीब 100 से 110 यात्री ठूंसे हुए थे।

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AI की मदद से प्रतीकात्मक तस्वीर - Patrika

Jaipur News: राजधानी के जालूपुरा थाना क्षेत्र में गुरुवार को लापरवाही की हद पार करते हुए एक बस चालक ने सड़क पर लोगों की जान खतरे में डाल दी। मामला इतना गंभीर था कि पुलिस ने मौके पर ही बस को रोककर चालक और परिचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। घटना 14 अगस्त 2025 की शाम की है। पुलिस के अनुसार, एमपी नंबर की बस का चालक एमआई रोड से वनस्थली मार्ग की ओर तेज रफ्तार और लापरवाही से बस चला रहा था। बस की छत पर लगभग 50 से 55 सवारियां बैठी हुई थीं, जबकि अंदर की सीटों के ऊपर की गैलरी और बर्थ पर करीब 100 से 110 यात्री ठूंसे हुए थे।

खतरनाक अंदाज में ओवरलोडिंग

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इतनी भारी संख्या में सवारियों को बैठाकर बस चालक व परिचालक ने न केवल बस में बैठे यात्रियों की जान खतरे में डाली, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा को भी संकट में डाल दिया। पुलिस के मुताबिक इस तरह की ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। बस को रोकने के लिए भी पुलिस को प्रयास करने पड़ गए थे।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

जालूपुरा थाना पुलिस ने जानकारी मिलते ही बस को चौराहा सांसार चंद्र रोड, जालूपुरा पर रोक लिया। बस चालक की पहचान चंद्रभान सिंह और परिचालक हंस राज के रूप में हुई। इनके खिलाफ बीएनएस 2023 की धारा 281, 125, 194 1 आई, 188, 183ए, 184, 181ए 194ए, 192ए, 56-192, 133-188 मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। चालक से जब ज्यादा सवारियां बिठाने के बारे में पुलिस ने सवाल किया तो उसका कहना था कि ये लोग खुद ही बैठ गए, इनके जल्दी घर पहुंचना था। इस पर पुलिस ने उसे जमकर लताड़ा।

उल्लेखनीय है कि जयपुर में त्यौहारों और छुट्टियों के समय इस तरह की ओवरलोड बसें आम बात हो गई हैं। जानकारों का कहना है कि बस ऑपरेटर यात्री क्षमता से कई गुना अधिक लोगों को बैठाकर मुनाफा बढ़ाने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह यात्रियों के जीवन से खिलवाड़ है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि भविष्य में कोई भी चालक इस तरह की खतरनाक लापरवाही करने की हिम्मत न करे। क्षमता से ज्यादा सवारियां बिठाने के कारण कई बार बड़े हादसे भी सामने आते हैं। हाल ही में दौसा में सड़क हादसा हुआ था। ओवरलोड़ पिकअप में पच्चीस सवारियां थीं। हादसे में सात बच्चों समेत 11 ने दम तोड़ दिया था। कई अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।