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CWG पदक विजेताओं पर हुई पैसों की बारिश! खेल मंत्रालय ने खोल दिया खजाना, मिलेंगे 8 करोड़ से भी ज्यादा रुपये

Cash Prize for CWG 2026 Medal Winners: खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले एथलीट्स को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस दौरान लगातार तीसरा गोल्ड जीतने वाली मीराबाई चानू और कोचों के योगदान की विशेष रूप से सराहना की।
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Cash Prize for Athletes

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय दल (फोटो- IANS)

Mansukh Mandaviya Announced Cash Prize for Athletes: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय एथलीट्स के लिए खेल मंत्रालय ने अपना खजाना खोल दिया। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सभी पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने कुल 8 करोड़ 20 लाख रुपए पुरस्कार के तौर पर दिए, जिसमें गोल्ड मेडल विजेताओं को 30 लाख रुपये, सिल्वर मेडल विजेताओं को 20 लाख रुपये और ब्रॉन्ज मेडल विजेताओं को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार सौंपा।

खेल मंत्री ने कोच की भी जमकर की तारीफ

वेटलिफ्टर्स को बधाई देते हुए मांडविया ने कहा कि पूरे देश ने उनकी इन उपलब्धियों का जश्न मनाया है। उन्होंने कहा, "संसद में भी, हर बार जब आप लोगों ने पदक जीते, तो घोषणाएं की गईं। उन पलों ने हर भारतीय को गौरवान्वित किया।" मनसुख मांडविया ने द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता विजय शर्मा सहित सभी कोचों की जमकर तारीफ की। चैंपियन बनाने में कोचों की अहम भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, "एक एथलीट के सफर में गुरु की सबसे बड़ी भूमिका होती है। चैंपियन तैयार करने में कोच के योगदान से बड़ी कोई चीज नहीं है।"

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई चानू ने लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय वेटलिफ्टर बनकर इतिहास रचा। वहीं, ऋषिकांत सिंह और वल्लुरी अजय बाबू ने स्नैच में नए 'कॉमनवेल्थ गेम्स' रिकॉर्ड बनाए। इसके अलावा ज्ञानेश्वरी यादव और हरजिंदर कौर सहित कई वेटलिफ्टर्स ने अपना पर्सनल-बेस्ट प्रदर्शन दिया।

इन खेलों में हिस्सा लेने वाले 11 वेटलिफ्टर्स में से 6 'खेलो इंडिया एथलीट' (KIA) हैं। पदक विजेताओं में ज्ञानेश्वरी खेलो इंडिया एथलीट हैं, जबकि बिंद्यारानी देवी, हरजिंदर और अन्य खिलाड़ी पटियाला स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE) में ट्रेनिंग करते हैं। यह सेंटर भारत के ग्रासरूट और एलीट एथलीट डेवलपमेंट इकोसिस्टम की सफलता में अहम भूमिका निभाता है।

खेल मंत्री ने एथलीट्स से खेलों के एम्बेसडर बनने की अपील करते हुए वेटलिफ्टर्स से स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवाओं को खेल अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा, "आपकी कहानियां हजारों बच्चों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। हम सभी मिलकर एक सच्चे खेल-प्रेमी देश के निर्माण की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहे हैं।"

मांडविया ने वेटलिफ्टर्स से उनके संघर्षों, पोडियम तक पहुंचने के सफर और भविष्य की प्रतियोगिताओं, खासकर एशियन गेम्स 2026 की उम्मीदों पर चर्चा की। जो खिलाड़ी पदक तालिका में जगह बनाने से मामूली अंतर से चूक गए, उनसे खेल मंत्री ने हिम्मत न हारने की बात कही। खेल मंत्री ने कहा, "एक खिलाड़ी कभी असल में हारता नहीं है। मायने यह रखता है कि आपमें लगातार बेहतर होने का जुनून बना रहे। मेरा मानना ​​है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद और 140 करोड़ भारतीयों का समर्थन हमेशा आपके साथ है।"

भारतीय खेलों के लिए सरकार के दीर्घकालिक दृष्टिकोण (Vision) पर जोर देते हुए मांडविया ने कहा, "देश ने आप पर निवेश किया है क्योंकि उसे आपकी क्षमता पर पूरा भरोसा है। हर संभव सुविधा तैयार की जा रही है ताकि भारतीय एथलीट दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का मुकाबला कर सकें।"