
Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय मुक्केबाजों की शुरुआत उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही। पुरुष वर्ग में अमित पंघल और महिला वर्ग में जैस्मीन लम्बोरिया व प्रीति पवार हार के साथ पदक की होड़ से बाहर हो गई, लेकिन भारतीय मुक्केबाजी दल को निराश होने की जरूरत नहीं है। खेलों में कभी निराशा तो कभी खुशी के पल आते रहते हैं, ऐसे में भारतीय दल के बाकी मुक्केबाजों को अपने मुकाबले में सकारात्मक सोच के साथ उतरने की जरूरत है। यह कहना है पूर्व ओलंपियन मुक्केबाज अखिल कुमार का।
मुक्केबाजी में अभी भारत के पदक जीतने की उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई है। टोक्यो ओलंपिक 2020 की कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन लगातार दूसरा पदक जीतने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। अखिल ने कहा कि उनके खेल में आक्रामकता दिखी और साथ ही उन्होंने शुरुआत से ही विपक्षी मुक्केबाज पर दबाव भी बनाया, ये दिखाता है कि वह किस मजबूत सोच के साथ इन खेलों में उतरी हैं। उम्मीद है कि वे इसी लय के साथ देश को पदक दिलाएंगी।
निकहत जरीन भी महिला वर्ग में पदक की प्रमुख दावेदार हैं। पिछले कुछ सालों में उन्होंने दमदार प्रदर्शन किया है। उन्हें राउंड-16 में चीन की मुक्केबाज वू यू का सामना करना है। मुझे पूरा भरोसा है कि वे आसानी से जीत हासिल कर लेंगी। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं कि जरीन का आत्मविश्वास गजब का है। उन्होंने 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में पदक जीता है जबकि 2023 विश्व चैंपियनशिप में चैंपियन बनीं हैं।
Published on:
01 Aug 2024 11:45 am
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