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राहुल द्रविड़ ने कुछ ऐसा किया कि हर कोई कर रहा उनकी तारीफ

टीम इंडिया की दीवार के रूप में मशहूर राहुल द्रविड़ ने एक नई मिसाल पेश की है। पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान राहुल ने उनके सम्मान के लिए बेंगलुरु विश्वविद्यालय के प्रस्ताव को ठुकराते हुए मानद उपाधि लेने से इनकार कर दिया है।
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लखनऊ

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kamlesh sharma

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Jan 26, 2017

rahul dravid

rahul dravid

टीम इंडिया की दीवार के रूप में मशहूर राहुल द्रविड़ ने एक नई मिसाल पेश की है। पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान राहुल ने उनके सम्मान के लिए बेंगलुरु विश्वविद्यालय के प्रस्ताव को ठुकराते हुए मानद उपाधि लेने से इनकार कर दिया है।

क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में शामिल राहुल द्रविड़ का पालन-पोषण और पढ़ाई बेंगलुरु में ही हुई है। उन्होंने बेंगलुरु यूनिवर्सिटी से कहा कि वह अपनी खुद की कोशिशों से ही खेल के क्षेत्र में शोध करके डॉक्टरेट डिग्री पाने के काबिल बनना चाहते हैं।

बेंगलुरु यूनिवर्सिटी 27 जनवरी को अपना 52वां दीक्षांत समारोह आयोजित करनी जा रही है। इस समारोह में विश्वविद्यालय द्वारा राहुल द्रविड़ को मानद डॉक्टरेट उपाधि देने की पेशकश की गई थी। लेकिन राहुल ने इसे स्वीकार करने से मना कर दिया।

बेंगलुरु यूनिवर्सिटी के कुलपित बी थिमे गौड़ा द्वारा एक बयान जारी कर कहा गया कि राहुल द्रविड़ ने मानद उपाधि के लिए उन्हें चुने जाने पर विश्वविद्यालय का शुक्रिया अदा करने के साथ ही यह संदेश दिया है कि वह मानद उपाधि लेने की बजाय खेल के क्षेत्र में अनुसंधान कर डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करेंगे।

गौरतलब है कि राहुल द्रविड़ ने 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। मौजूदा वक्त में वह इंडिया ए और अंडर 19 टीम के कोच हैं। वर्ष 2014 में द्रविड़ ने गुलबर्गा विश्वविद्यालय के 32वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा नहीं लिया था। उस दौरान भी उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि के लिए 12 लोगों में चुना गया था।

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