टोक्यो ओलंपिक: खेल गांव में परोसा जा रहा भारतीय खाना, कमरों की सफाई तीन दिन में एक बार

खिलाड़ियों ने गर्म पानी की मांग की है। इसके लिए भारतीय दूतावास से 100 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक केतली मांगी गई हैं। कोरोना को देखते हुए वहां अधिक सतर्कता बरती जा रही है।

By: Mahendra Yadav

Updated: 20 Jul 2021, 10:44 AM IST

टोक्यो ओलंपिक की शुरुआत में सिर्फ कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में खेलों के महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए कई देशों के एथलीट खेल गांव पहुंच रहे हैं। खेल गांव के डाइनिंग हॉल में भारतीय व्यंजन परोसे जा रहे हैं। इनमें भारतीय दाल और पराठें भी शामिल हैं। वहीं खिलाड़ियों ने गर्म पानी की मांग की है। इसके लिए भारतीय दूतावास से 100 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक केतली मांगी गई हैं। कोरोना को देखते हुए वहां अधिक सतर्कता बरती जा रही है। इसी वजह से कमरों की सफाई भी तीन दिन में एक बार होगी। वहीं भारतीय दल की बात करें तो ज्यादातर खिलाड़ी रविवार को खेल गांव पहुंच गए थे और वहां अभ्यास भी शुरू कर दिया है।

न्यनतम सपंर्क की वजह से सफाई तीन में एक बार
भारतीय दल के उप प्रमुख प्रेम वर्मा का ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को सुबह गर्म पानी की जरूरत होती है। ऐसे में उन्हें केतलियों की जरूरत है। इसके लिए भारतीय दूतावास से अनुरोध किया गया है। वहीं टीम के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यहां कमरे अच्छे हैं लेकिन सफाई नहीं हुई। इस पर प्रेम वर्मा ने कहा कि कोरोना की वजह से संपर्क न्यूनतम रखने के कारण सफाई तीन दिन में एक बार कराई जाएगी। वहीं अगर किसी को रोज सफाई चाहिए तो वह बता सकता है। तौलिये रोज बदले जा सकते हैं।

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खाने को लेकर अलग—अलग राय
वहीं खेल गांव के डाइनिंग हॉल में परोसे जा रहे खाने को लेकर अलग—अलग राय है। टेबल टेनिस प्लेयर जी साथियान का कहना है कि उन्हें खाने और अभ्यास की सुविधा से कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने दाल और परांठा खाया, जो उन्हें अच्छा लगा। वहीं एक अधिकारी ने कहा कि देसी खाना बेहतर हो सकता है। एक अन्य अधिकारी का मानना है कि वह भारतीयों से कांटिनेंटल या जापानी खाना चखने के लिए कहेंगे। उनका कहना है कि भारतीय खाना औसत है और कई बार कच्चा भी होता है।

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खिलाड़ियों को रोजाना दी जा रही जांच किट
प्रेम वर्मा ने बताया कि दूसरे देश में आने पर वहां की संस्कृति को अपनाना चाहिए, जिसमें खान-पान भी शामिल है। उनका कहना है कि यहां अच्छा भारतीय खाना परोसा जा रहा है। वहीं अधिकांश खिलाड़ियों को रोज जांच किट दी जा रही है, जिससे कि वे अभ्यास पर जाने से पहले वे आईओए अधिकारियों को कोरोना जांच के लिए नमूने दे सकें।

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