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घर में ही बना रखा था पूरा पेट्रोल पंप, टीम ने खुदाई की तो निकले 3 टैंक, 2 में भरा हुआ था पेट्रोलियम पदार्थ

गणेशगढ़ में आग लगने की घटना में नया मोड़ आ गया है। जिस घर में डीजल की वजह से आग लगी थी, वहां पूरा पेट्रोल पंप बना हुआ था।

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गणेशगढ़ में आग लगने की घटना में नया मोड़ आ गया है। जिस घर में डीजल की वजह से आग लगी थी, वहां पूरा पेट्रोल पंप बना हुआ था। जिला रसद अधिकारी सुमित्रा बिश्नोई की अगुवाई में टीम ने जब घर और पास के नोहरे में खुदाई कराई तो वहां पेट्रोलियम पदार्थो के तीन टैंक निकले। इनमें दो टैंकों की क्षमता बीस-बीस हजार लीटर और तीसरे टैंक की क्षमता 13 हजार लीटर की निकली। इसके लिए बकायदा नोजल और पाइपें पंप की तरह लगी हुई थी। यहां तक कि पेट्रोलियम पदार्थ को वाहन में डालने के लिए बकायदा पंप की तर्ज पर मीटर बोर्ड आदि सब कुछ बनाया हुआ था।

यह देखकर पूरी डीएसओ की टीम हैरान रह गई। यहां एक सौ या दो सौ लीटर नहीं बल्कि हजारों लीटर पेट्रोलियम पदार्थ का स्टोरेज किया हुआ था। गनीमत यह रही कि यह आग इन तीनों टैंको तक नहीं पहुंची अन्यथा गणेशगढ़ में बड़ा हादसा हो सकता था।

गुजरात का है केमिकल पेट्रोलियम पदार्थ

रसद विभाग ने तीनों टैंकों में कारीगरों के माध्यम से जांच कराई तो वहां 13 हजार लीटर का टैंक खाली था लेकिन बीस-बीस हजार लीटर क्षमता के इन दोनों टैंकों से 23 हजार 650 लीटर जिसे किलो के रूप में बरामद कर सीज किया गया है। यह केमिकल गुजरात से लाना बताया गया। इसे बायोडीजल के रूप में प्रचारित कर वाहनों में डालकर बेचा जा रहा था। हालांकि मकान मालिक का कहना था कि यह गुजरात से मंगवाकर इसे पंजाब की फैक्ट्रियों में बेचने की प्रक्रिया अपनाई जाती है, लेकिन इसके पास महज एक कागज मिला, इस पर सम पेट्रोल केमिकल खरीद के संबंध में वर्ष 2021 अंकित किया हुआ था। डीएसओ ने बताया कि डीजलनुमा पदार्थ को सीज कर किया गया है। इस केमिकल्स के बारे में जांच कराई जाएगी। इसके अलावा यह भी पता लगाया जाएगा कि यह पदार्थ पंजाब में बेचा जा रहा था या इलाके के वाहनों या पंप संचालकों को बेचा जा रहा था।

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डेढ़ दशक से चल रहा था यह धंधा

इधर, ग्रामीणों का कहना है कि यह धंधा पिछले पन्द्रह साल से चल रहा था, इस धंधे में अकेला विजय कुमार नहीं था, राजनीति एप्रोच रखने वाले कई लोग शामिल थे। जब भी घटना या कार्रवाई होती तो राजनीतिक एप्रोच रखने वाले ये लोग ऊंचती प्रक्रिया अपनाते। इस वजह से पुलिस या रसद विभाग ने कभी बड़े पैमाने पर यहां कार्रवाई नहीं की।

ग्रामीणों की शिकायत पर एफआइआर दर्ज की गई है। रसद विभाग ने डीजल और पेट्रोलियम पदार्थ जब्त किया है। डीएसओ की रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ की जाएगी।
संजय कुमार, थानाधिकारी लालगढ़ जाटान

शुक्रवार को हुई घटना के बाद शनिवार को खुद जांच कराई तो वहां पेट्रोलियम पदार्थ स्टोरेज के तीन टैंक मिले है। इसमें से 26 हजार से अधिक पेट्रोलियम पदार्थ बरामद कर सीज किया गया है। वहीं आग की घटना स्थल से 990 लीटर डीजल भी जब्त किया गया है। इस संबंध में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष इस्तगासा दायर किया जा एगा। इसके अलावा लालगढ़ पुलिस ने बृजलाल उर्फ विजय सिंह, बृजलाल के बेटे विक्रम और भाई रामसिंह के खिलाफ मामला दर्ज भी किया है।
सुमित्रा बिश्नोई, जिला रसद अधिकारी श्रीगंगानगर

आग लगी तब वहां डीजल के भरे हुए थे ड्रम

शुक्रवार शाम को गणेशगढ़ के इस घर में जब आग लगी तब कई डीजल से भरे ड्रम थे। इसमें से कई ड्रम तो मौके से मकान मालिक के परिचित ले गए तो कुछ ड्रमों को लेकर ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के सुपुर्द कर दिए। इस पर डीएसओ ने 990 लीटर डीजल जब्त किया है। दो साल पहले जब आग लगी थी तब ग्रामीणों ने इस मकान की तलाशी करने का आग्रह किया था लेकिन तब किसी भी एजेंसी ने गंभीरता से नहीं लिया।

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लालगढ़ थाने में मकान मालिक और उसके भाइयों पर मामला दर्ज

गणेशगढ़ में आग की घटना के संबंध में गणेशगढ़ गांव निवासी सुनील कुमार पुत्र पालाराम रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके घर के पास मे बृजलाल उर्फ विजयसिंह पुत्र मेपाराम कुम्हार का मकान है। इसने अपने घर में एक मनियारी की दुकान की हुई है। इसके अलावा उसके पास तीन-चार वाहन हैं। इस पर वह पंजाब से तेल लाकर बेचता है। अपने घर में डीजल का स्टॉक रखता है। बृजलाल उर्फ विजय सिंह का छोटे भाई रामसिंह भी तेल का काम करता है। तीन साल पहले जब रामसिंह के घर पर तेल के ड्रमों में आग लगी थी तब पूरे मोहल्ले के लोगों ने मिलकर बुझा दी। तब मोहल्लेवासियों और ग्रामीणों ने अवैध डीजल बेचने के लिए मना भी किया था।

अब विजय व उनके लड़के विक्रमसिंह उर्फ विक्री व इसका भाई तीनो मिलकर अवैध डीजल पंजाब में लाकर चोरी छुपे बेचते है। इस वजह से शुक्रवार शाम को आग लग गई। तेल के काफी ड्रम पड़े मिले। इससे आसपास के आमजन के जीवन को खतरा पैदा हो गया है। परिवादी के साथ चन्द्रमोहन, महेन्द्र कुमार, पवन कुमार, सुभाष, महेन्द्र पुत्र रामेश्वर, विनोद सहारण, अजय सहारण व गांव के अन्य व्यक्ति व ग्राम पंचायत डूंगरसिंहपुरा के सरपंच कालुराम भी मौजूद थे। पुलिस ने विजय और उसके परिवारिक सदस्यों के खिलाफ आईपीसी की धारा 285,336, 427,34 में मामला दर्ज कर जांच एएसआई रमेशचन्द को दी है।