
गुस्साए ग्रामीणों ने रोका रास्ता, धरने पर बैठकर किया विरोध, अब एक ही सवाल कहां जाएगा शहर का कचरा
श्रीगंगानगर। पुरानी आबादी से सटे चक 6 जैड ए में नगर परिषद की बारह बीधा सरकारी भूमि में आसपास के ग्रामीणों ने कचरा डालने पर रोक लगा दी। ग्रामीणों ने इस भूमि स्थल पर बनाए गए कचरा स्थल पर कचरा डालने के लिए गई ट्रेक्टर-ट्रॉलियों और टिपर को वापस लौटा दिया।
गुस्साए ग्रामीणों ने वहां धरना लगाकर नगर परिषद के अधिकारियों से वार्ता करने से इनकार कर दिया। ऐसे में फिर से यह सवाल खड़ा हो गया कि शहर का कचरा जाएगा कहां। ग्रामीणों की माने तो वे दूषित वातावरण से इतने परेशान हो चुके है कि उनके घर पर सुबह और शाम खुली सांस लेने में भी बाधा आ रही है।
वहीं दूसरी ओर नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर कचरा डालने का सिलसिला पिछले पन्द्रह सालों से चल रहा है, वहां कचरा नहीं डालेंगे तो कहां कचरे का निस्तारण किया जाएगा। सोमवार को दिनभर ग्रामीणों और कचरा डालने गए सफाई कर्मियों के बीच असंमजस की स्थिति बनी रही लेकिन नतीजा निकल नहीं पाया।
यहां तक कि नगर परिषद के स्वास्थ्य अधिकारी गौतमलाल भी समझाइश करने पहुंचे तो उनको भी बैरंग भेज दिया।
करीब छह साल पहले नगर परिषद ने चक 6 जैड के पास साढ़े बारह बीघा भूमि में से दो बीघा भूमि पर हड्डारोड़ी स्थल बना दिया था। मृत पशुओं की खाल उतारने और वहां गंदगी होने के कारण आसपास की पन्द्रह कॉलोनियेां में रोजाना दुर्गन्ध का सिलसिला शुरू हो गया था। यहां तक कि इस इलाके में बने मैरिज पैलेस में वैवाहिक स्थल पर भी मृत पशुओं की दुर्गन्ध आने लगी तो लोगों ने वहां मैरिज पैलेस की बुकिंग करवाना बंद कर दिया था।
ऐसे में ग्रामीणों ने हाईकोर्ट की शरण ली और वहां से हड्डारोड़ी हटाने के आदेश लेकर आए थे। तीन साल पहले नगर परिषद ने इस हड्डारोड़ी स्थल को बंद कर दिया लेकिन कचरा प्वाइंट बना लिया। अब ग्रामीण इस बात पर अड़ गए है कि वहां यह कचरा प्वाइंट भी हटा दिया जाए ताकि उनको सुकून मिल सके।
ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री कार्यालय में लगातार शिकायतों का सिलसिला शुरू कर दिया। पीएमओ से एक पत्र स्वायत्त शासन विभाग पहुंचा। इस पत्र में संबंधित कचरा स्थल हटाने की बात कही गई थी। इस लैटर के आधार पर डीएलबी से यहां नगर परिषद से जवाब तलब किया गया था, तब नगर परिषद ने अपने बचाव में जवाब दे दिया। ग्रामीणों ने पीएमओ के लैटर को अपना कानूनी हथियार बना लिया।
ग्रामीणों राजकुमार सैनी, बलवंत चौहान, नत्थूराम, विजय सिंह आदि ने सोमवार को धरना देकर नगर परिषद की कचरा ढोने वाली 30 गाडिय़ों को रोक दिया। वहां पुरानी आबादी पुलिस भी मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने कचरा ढोने वाले चालकों से कचरा डालने के संबंध में आदेश की प्रति मांगी लेकिन आदेश नहीं होने पर इन गाडिय़ों को वापस लौटा दिया गया।
शहर का कचरा पहले पुरानी आबादी के गड्ढा की सरकारी भूमि में डाला जाता था लेकिन वार्ड पांच के लोगों ने इसका विरोध किया तो बैकफुट पर आए नगर परिषद ने अपनी चक 6 जैड ए के पास साढ़े बारह बीघा भूमि में यह व्यवस्था कर दी।
लेकिन चक 6 जैड के ग्रामीणों के विरोध पर उतरने के बाद शहर का रोजाना 56 टन कचरे का निस्तारण कहां और कैसे होगा, यह सवाल अब नगर परिषद के लिए गलफांस बन गया है। पिछले साल ठोस कचरा प्रबंधन के लिए नेतेवाला के पास बनाए जा रहे प्लांट का वहां के ग्रामीणों ने इस कदर विरोध किया कि नगर परिषद और जिला प्रशासन के अधिकारियों को उद्धाटन के दिन बैरंग लौटना पड़ा।
इस प्लांट के निर्माण होने से कचरे का स्थायी समाधान हो जाता लेकिन विरोध के कारण यह प्रक्रिया अटक गई है।
Published on:
21 Jan 2019 09:39 pm
