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Video : पंजाब से डीजल तस्करी का खेल, पंजाब में सस्ता और राजस्थान में महंगा

इलाके में डीजल तस्करी का खेल इतना बड़ा है कि जिला प्रशासन की नतमस्तक हो गया है।

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श्रीगंगानगर।
इलाके में डीजल तस्करी का खेल इतना बड़ा है कि जिला प्रशासन की नतमस्तक हो गया है। खानापूर्ति करने के लिए रसद विभाग और पुलिस प्रशासन ने पिछले छह महीने में एक भी कार्रवाई नहीं की है। डीजल तस्करी का सबसे बड़ा कारण दाम है, पंजाब में जहां डीजल 59 रुपए प्रति लीटर है तो वहीं राजस्थान में 65 रुपए है। छह रुपए प्रति लीटर सस्ता होने के कारण पूरे जिले के भारी वाहनों के मालिक जिला मुख्यालय से महज छह किमी दूर पर स्थित पंजाब सीमा के पेट्रोल पंपों से डीजल की खरीददारी करते है। इस डीजल तस्करी में एक हजार से अधिक लोग जुड़े हुए है। अपने वाहनों में दो से तीन हजार लीटर पंजाब के पंपों से खरीदते है और यहां लाकर राजस्थान में डीजल के दाम से दो रुपए कम यानि 63 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से बेचान करते है। जिले में कुल एक सौ पेट्रोल पंप है, इन पंपों पर ज्यादातर पेट्रोल का बेचान होता है जबकि डीजल की ग्राहकी कम है। डीजल वही वाहन चालक खरीदते है जिनको दस या बीस लीटर की जरूरतहोती है।

एक पंप संचालक को चार हजार लीटर का फटका
पेट्रोल पंप मालिक नरेश कुमार की माने तो डीजल की बिक्री प्रति दिन महज एक हजार लीटर डीजल की औसतन होती है। यदि पंजाब से डीजल की तस्करी रुक जाएं तो यह बिक्री पांच हजार लीटर औसतन पहुंच जाएगी। जिला पेट्रोल पंप डीलर्स यूनियन का दावा है कि रोजाना चार लाख लीटर डीजल पंजाब से राजस्थान की सीमा में अवैध तरीके से पहुंच रहा है। इस खेल में प्रतिदिन 24 लाख रुपए का राजस्व का नुकसान राजस्थान सरकार को लग रहा है। इस कारण पूरे जिले के पंप संचालकों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है लेकिन चुप्पी साधकर सबकुछ देख रहे है।

जिम्मेदारी अकेले रसद विभाग पर
इस खेल में जिला प्रशासन से लेकर राज्यसरकार के हाथ बंधे हुए है। पंजाब से डीजल की तस्करी का खेल इतना बड़ा है कि इसे रोकने के लिए रसद विभाग अकेला कुछ नहीं कर सकता। रसद विभाग केपास इतनी टीम नहीं है कि वह इसकी रोकथाम हो सके। छह महीने पहले श्रीगंगानगर के जिला रसद अधिकारी सुनील वर्मा का तबादला राशन घोटाले के मामले में राज्य सरकार ने कियाथा। डीएसओ का चार्ज एडीएम प्रशासन नख्तदान बारहठ को दे रखा है। लेकिन छह महीने में एक भी डीजल तस्करी की कार्रवाई नहीं हुई है।

दामों में छह रुपए का अतंर
शनिवार को श्रीगंगानगर जिले में डीजल के दाम 65 रुपए 43 पैसे प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है। जबकि पंजाब में डीजल के दाम 59 रुपए 34 पैसे प्रति लीटर के दाम है। ऐसे में छह रुपए प्रति लीटर राजस्थान में महंगा बिक रहा है। इसका फायदा इलाके के लंबी दूरी की बसों, ट्रक, ट्रेक्टर ट्रॉली आदि वाहन पंजाब से डीजल की खरीददारी करते है। यहां तक कि किराये के रूप में संचालित कार और जीप मालिक भी सस्तेदाम पर डीजल ला रहे है।

केन्द्र सरकार का कानून बना अड़चन
यह सही है कि डीजल की बड़े पैमाने पर तस्करी पंजाब से हो रही है। राज्य सरकार ने एक हजार लीटर तक किसानों को डीजल रखने का नियम बनाया हुआ था लेकिन वर्ष 1999 में केन्द्र सरकार के पेट्रोलियम पदार्थ रखने के नियम में 2500 लीटर अंकित कर दिया गया। इस वजह से पूर्व में पकड़े गए वाहनों को हाईकेार्ट केआदेश पर रसद विभाग ने जब्त डीजल की राशि वापस लौटाई है। कानूनी अड़चनों की विसंगतियों के कारण चाहकर भी कार्रवाई नहीं कर सकते। केन्द्रीय नियमों में डीजल रखने का प्रावधान किया गया था, लेकिन तस्कर इसका फायदा उठा रहे है। यह किसानों को उनकी खेती के लिए डीजल लाने के संबंध में आदेश था लेकिन तस्करी का यह खेल चल रहा है। हां यह भी सही है कि डीएसओ के तबादले के बाद एक भी कार्रवाई नहीं हुई है।
- राकेश सोनी, प्रवर्तन अधिकारी रसद विभाग श्रीगंगानगर।


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