
demo pic
घड़साना.
तहसील क्षेत्र में गांवों में शुद्ध पेयजल की समस्या से ग्रामीण जूझ रहे हैं। कहीं वाटरवक्र्स नहीं है तो कही वाटरवक्र्स में पानी नहीं है। यह हालात बार्डर क्षेत्र के अधिकतर गांवों का बना हुआ है। वहीं राजकीय विद्यालयों में अध्यापकों की कमी से छात्रों का भविष्य अंधकार में है। यह बात राज्य सरकार की विफलताओं के खिलाफ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में जनजागरण अभियान में गांवों के दौरे में प्रदेश महासचिव कुलदीप इन्दौरा ने कही। प्रदेश महासचिव इन्दौरा ने ग्राम पंचायत 12 एमएलडी, एक एसकेएम, दो आरकेएम कुण्डल आदि के एक दर्जन से अधिक चकों व गांवों का दौरा किया। इन्दौरा ने ग्रामीणों के जनाभाव अभियोग सुने।
उन्होंने भाजपा सरकार के पौने पांच साल के शासन को कुराज बताया। पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। किसानों को सिंचाई पानी व समय पर बिजली नहीं मिलने से रोष बना हुआ है। कांग्रेस प्रदेश महासचिव को ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के स्कूलों में पर्याप्त स्टॉफ नहीं होने के कारण छात्रों का भविष्य अंधकारमय है। चक एक आरकेएम के स्कूल को बंद कर दिया तथा इस चक के बच्चों को चार किलोमीटर दूर 281 हेड अथवा कुण्डल के राजकीय विद्यालयों में पढने के लिए जाना पड़ता है। इसके चलते छोटे बच्चों को प्राइमरी शिक्षा ग्रहण करने में भी दिक्कत आ रही है।
इन्दौरा के समक्ष किसानों ने समर्थन मूल्यों पर बेची गई उपज का अभी तक भुगतान नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। करीब दो माह से अधिक समय पूर्व बेची गई सरसों व चने का भुगतान नहीं मिलने पर सरकार के खिलाफ रोष जताया। जन जागरण अभियान में कांग्रेस जिला महासचिव चन्द्रभान लेघा, ब्लॉक अध्यक्ष गोमती टाक, युवा कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष गुरलाल बराड़, ओबीसी प्रकोष्ठ अध्यक्ष विनोद छीम्पा, एनएसयूआई के विक्रम तंवर, दीपक सोनी, मलकीत सिंह आदि ने कांग्रेस की नीतियों पर चर्चा की। इन्दौरा ने पेयजल की समस्या पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग को अवगत करवा कर समाधान का आग्रह किया है।
Published on:
03 Aug 2018 09:42 pm
