
राजकीय जिला चिकित्सालय की आपातकालीन कक्ष में सिर पर गंभीर चोटें आई तो बालिका सावित्री सुन से हो गई, जब उसके सिर पर टांके लगे तो वह रोने लगी। कुछ देर बाद जब संभली तो मायूस चेहरे से बोली कि अंकल मेरा क्या कसूर है।

अपने घर जाने के लिए राजस्थान रोडवेज की बस में सवार मुरलीधर गांव घमूड़वाली की बजाय राजकीय जिला चिकित्सालय में पहुंच गया।
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बस की ट्रोल से गुरुवार सुबह कोहरे के कारण दुर्घटना हो गई थी। बस में ड्राइवर की पीछे वाली सीट पर बैठे सीनियर सिटीजन को यह भी आभास नहीं था कि वह चंद पलों में अपने गांव की बजाय हॉस्पिटल पहुंच जाएगा।

ट्रोलर चालक सीकर जिले के राजासर निवासी सतीश पुत्र सुभाष तथा खलासी कृष्ण यादव पुत्र बनावारी लाल भी हादसे में घायल हुए हैं।

हादसे में गांव साबुआना का सतनाम सिंह पुत्र गुरबचन बावरी, छह ईईए का रामस्वरूप पुत्र थाना राम, बींझबायला का राम निवास पुत्र कालू राम कामड, बींझबायला का ही दया राम पुत्र ख्याली राम, घमूड़वाली का मुरलीधर पुत्र नत्थू राम, खोथांवाली की सावित्री पत्नी गिरधारी लाल, भूरूसरी का कृष्ण पुत्र बस्ती राम, बींझबायला का विशाल पुत्र रायसिंह शामिल है। ये सभी यात्री बस में सवार थे।